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North Korea vs South Korea Womens Football Match: उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच भारी राजनीतिक तनाव के बावजूद 20 मई को होने वाले ‘वुमेंस एशियन चैंपियंस लीग’ सेमीफाइनल के सभी 7087 टिकट महज 12 घंटे में बिक गए. यह मैच दक्षिण कोरिया के सुवोन शहर में ‘सुवोन एफसी’ और उत्तर कोरिया के ‘नेगोह्यांग एफसी’ के बीच होगा. साल 2018 के बाद पहली बार उत्तर कोरिया की कोई टीम दक्षिण कोरिया का दौरा कर रही है.
उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया की महिला टीमों के बीच क्रिकेट मैच.
नई दिल्ली. उत्तर और दक्षिण कोरिया की महिला फुटबॉल टीमों के बीच होने वाले एक दिलचस्प मैच को लेकर फैंस में भारी उत्साह है. भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद मैच के टिकट बिक्री शुरू होने के महज 12 घंटे के भीतर ही पूरी तरह बिक गए. यह मुकाबला ‘वुमेंस एशियन चैंपियंस लीग’ का सेमीफाइनल है, जो 20 मई को दक्षिण कोरिया के सुवोन शहर में खेला जाएगा. यह मैच दक्षिण कोरिया के ‘सुवोन एफसी वुमेन’ और उत्तर कोरिया के ‘नेगोह्यांग वुमेंस एफसी’ के बीच होगा. इस मैच के लिए जनरल एडमिशन की सभी 7087 सीटें कुछ ही घंटों में बुक हो गईं.
6 साल बाद ऐतिहासिक दौरा
साल 2018 के बाद यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया की कोई स्पोर्ट्स टीम मैच खेलने दक्षिण कोरिया जा रही है. प्योंगयांग (उत्तर कोरिया) की यह टीम वीकेंड पर चीन के रास्ते दक्षिण कोरिया पहुंचेगी. इस डेलिगेशन में 27 खिलाड़ी और 12 स्टाफ सदस्य शामिल हैं, जो सुवोन के एक होटल में प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरियाई टीम के साथ ही रुकेंगे. चूंकि यह एक क्लब टूर्नामेंट है (देशों के बीच का मुकाबला नहीं), इसलिए मैच के दौरान दोनों देशों के राष्ट्रीय झंडे और राष्ट्रगान का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
उत्तर कोरिया के नागरिकों के दक्षिण कोरिया जाने पर पाबंदी है, इसलिए वहां से कोई फैंस मैच देखने नहीं आ रहा है. हालांकि, दक्षिण कोरिया का एक मंत्रालय दोनों टीमों का संयुक्त रूप से हौसला बढ़ाने वाले नागरिक समूहों को 30 करोड़ वॉन (लगभग 2 लाख डॉलर) की आर्थिक मदद दे रहा है.
उत्तर कोरिया की मजबूत टीम
महिला फुटबॉल, खासकर जूनियर स्तर पर, उत्तर कोरिया की टीम बेहद मजबूत मानी जाती है. उन्होंने पिछले साल ही नीदरलैंड को 3-0 से हराकर ‘फीफा अंडर-17 वुमेंस वर्ल्ड कप’ का खिताब अपने नाम किया था. जो भी टीम यह सेमीफाइनल जीतेगी, वह 23 मई को सुवोन में ही होने वाले फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की ‘मेलबर्न सिटी’ या जापान की ‘टोक्यो वर्डी बेलेजा’ से भिड़ेगी.
‘स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी’ की उम्मीद
दोनों देशों के बीच इन दिनों रिश्ते काफी तनावपूर्ण हैं. उत्तर कोरिया ने हाल ही में अपने संविधान में बदलाव करके दक्षिण कोरिया के साथ दोबारा एक होने की सभी बातें हटा दी हैं और उसे एक अलग ‘दुश्मन देश’ घोषित कर रखा है. ऐसे माहौल में विश्लेषकों का मानना है कि यह मैच दोनों देशों के बीच बातचीत का एक जरिया बन सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, प्योंगयांग द्वारा अपने एथलीटों को दक्षिण कोरिया भेजने की अनुमति देना एक बड़ा कदम है. यह मैच दिखाता है कि खेल और सांस्कृतिक संबंधों को राजनीति से अलग रखा जा सकता है.
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शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें
