संवाददाता@बद्री प्रसाद……
— पांच माह से चल रहे निर्माण के दौरान पीलर का सरिया भी नहीं हुआ खड़ा

चोपन थाना क्षेत्र के अन्तर्गत मारकुंडी जिला जेल मुख्य संपर्क मार्ग स्थित घाघर नदी पर निर्माणाधीन पुलिया का कार्य अत्यंत धीमी गति से चलने के कारण क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लगभग पांच माह पूर्व शुरू हुए इस पुलिया निर्माण कार्य की प्रगति इतनी धीमी है कि अब तक पुलिया में सरिया तक खड़ी नहीं हो सकी है। निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार को लेकर स्थानीय नागरिकों, राहगीरों एवं व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह मार्ग मारकुंडी, जिला जेल, मीनाबाजार समेत कई गांवों और बस्तियों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन तथा आम नागरिकों का आवागमन होता है। पुलिया निर्माण के चलते विभाग द्वारा घाघर नदी में अस्थायी वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है, लेकिन बरसात शुरू होते ही नदी में जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव आने पर यह वैकल्पिक मार्ग बह सकता है। यदि समय रहते पुलिया निर्माण पूरा नहीं हुआ तो पूरा संपर्क मार्ग बाधित हो जाएगा, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग द्वारा कार्य में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कई बार शिकायत और मांग किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य की गति में कोई सुधार नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि बरसात नजदीक है, ऐसे में यदि शीघ्र निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने जिलाधिकारी समेत लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्य में तेजी नहीं लाई गई तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन करने को बाध्य होगी।
इस संबंध में विभागीय जेई से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन घंटी जाने के बावजूद उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।