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Barmer Girls National Hockey Team Motivational Story: बाड़मेर के चूली गांव की सौ से ज्यादा बेटियां स्टेट और दर्जन से अधिक खिलाड़ी नेशनल हॉकी में चमकीं, कोच और परिवार के सहयोग से गांव खेल हब बन रहा है. कोच और स्थानीय सहयोग भी इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं. गांव में धीरे-धीरे खेल के प्रति माहौल बना है, जिससे छोटी बच्चियां भी अब देश के लिए खेलने का सपना देख रही हैं.
बाड़मेर. बाड़मेर जिले के छोटे से गांव चूली की बेटियां आज बड़े सपनों के साथ हॉकी स्टिक थामकर मैदान में उतर रही हैं. सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद यहां की करीब 100 खिलाड़ी स्टेट लेवल तक अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक खिलाड़ी नेशनल स्तर पर खेलकर गांव का नाम रोशन कर चुके हैं.
जहां कभी बेटियों के लिए घर की चौखट ही उनकी सीमाएं तय करती थी, वहीं आज चूली गांव की लड़कियां हॉकी के मैदान में पसीना बहाकर अपनी अलग पहचान बना रही हैं. सुबह-शाम की कड़ी मेहनत, सीमित सुविधाओं में अभ्यास और परिवार के सहयोग ने इन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है. इस गांव की खास बात यह है कि यहां का लगभग हर घर किसी न किसी रूप में हॉकी से जुड़ा हुआ है. यही वजह है कि यहां 100 से अधिक खिलाड़ी स्टेट लेवल तक खेल चुके हैं.
चूल्हे-चौके से मैदान तक का सफर
कोच और स्थानीय सहयोग भी इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं. गांव में धीरे-धीरे खेल के प्रति माहौल बना है, जिससे छोटी बच्चियां भी अब देश के लिए खेलने का सपना देख रही हैं. नेशनल स्तर पर खेल चुकी जयश्री कंवर बताती हैं कि अब हर घर की बेटियां सुबह-शाम मैदान में हॉकी स्टिक थामती हैं. पहले जहां उन्हें घर के कामों तक सीमित रखा जाता था, वहीं अब शिक्षा और जागरूकता की बदौलत वे खेल में भी अपना भविष्य तलाश रही हैं.
नेशनल और स्टेट लेवल पर दिखा चुके हैं दम
हॉकी इंडिया द्वारा आयोजित नेशनल टूर्नामेंट में चूली के रविंद्रपाल सिंह, मनोज कंवर, हितेश कंवर, कृष्णा पुनिया, जयश्री कंवर, प्रेम कंवर, लालसिंह, भावना कंवर और सवाई जयसिंह हिस्सा ले चुके हैं. वहीं स्कूल नेशनल प्रतियोगिताओं में राण सिंह, लक्ष्य वर्धन सिंह, युवराज सिंह और जसवंत सिंह भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं. इसके अलावा स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल, चूली की नेहा चौधरी भी नेशनल स्तर पर खेल चुकी हैं.
कोच की मेहनत से मिल रही नई पहचान
मदन सिंह, भवानी सिंह, छैल सिंह और महेंद्र सिंह इन खिलाड़ियों को रोजाना मैदान में प्रशिक्षण देते हैं. बाड़मेर के हॉकी कोच भवानी सिंह का कहना है कि छोटे से गांव चूली में बेटियां भी हॉकी में किसी से कम नहीं हैं. यहां के कई खिलाड़ी नेशनल स्तर पर और करीब 100 से अधिक खिलाड़ी स्टेट लेवल तक खेल चुके हैं, जो इस गांव की बड़ी उपलब्धि है.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें
