संवाददाता@विशाल टंडन….

सोनभद्र में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर व्यापारियों की समस्याओं और जिले के विकास को लेकर विस्तृत सुझाव प्रस्तुत किए। संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि सोनभद्र चार राज्यों—बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़—की सीमाओं से जुड़ा होने के कारण लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।
इसके लिए 600 से 800 एकड़ भूमि चिन्हित कर लैंड बैंक तैयार करने तथा लैंड पूलिंग मॉडल अपनाने की मांग की गई। उन्होंने जिले में पर्यटन की संभावनाओं पर जोर देते हुए मुक्खा फॉल, धनरौल बांध, विजयगढ़ किला, कंडाकोट पहाड़ी और फॉसिल्स पार्क जैसे स्थलों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, बोटिंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियों के विकास की बात कही।

जिला कोषाध्यक्ष शरद जायसवाल ने कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया।जिला उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल एवं प्रदीप जायसवाल ने क्लस्टर मॉडल के माध्यम से ऑर्गेनिक खेती, हर्बल उत्पाद और फूड प्रोसेसिंग को जोड़कर मजबूत आर्थिक मॉडल विकसित करने का सुझाव दिया। टीपू अली एवं नागेंद्र मोदनवाल ने स्थानीय समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि करोड़ों की लागत से बने रोडवेज बस स्टैंड के बावजूद बसों का संचालन फ्लाईओवर के नीचे से किया जा रहा है, जिस पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
बैठक में कौशल शर्मा, प्रशांत जैन, शरद जायसवाल, राजेश जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, राजू जायसवाल, सिद्धार्थ सांवरिया, टीपू अली, कृष्णा सोनी, नागेंद्र मोदनवाल, यशपाल सिंह, विनय जायसवाल, दिनेश सिंह, पंकज कनोडिया, अभिषेक साहू और अभिषेक गुप्ता सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।