संवाददाता/@रामबली मिश्रा…..

स्थानीय थाना क्षेत्र के इंटकबेल मितिहिनी के पास स्थित राख बंधे में एक बैल पिछले तीन दिनों से राख की दलदल में फंसा हुआ है। भूख-प्यास और कीचड़ की गिरफ्त में फंसा यह बैल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है जिसे निकालने के तमाम प्रयास अब तक असफल रहे ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डूमरचुआ निवासी सुरेश गुप्ता का बैल चरते समय अचानक रास्ता भटक कर इंटकबेल मितिहिनी के पास स्थित राख बंधे के समीप चला गया।यहाँ राख की गीली दलदल में बैल बुरी तरह धंस गया जब काफी समय तक बैल घर नहीं पहुँचा तो मालिक सुरेश गुप्ता ने उसकी खोजबीन शुरू की ढूंढते-ढूंढते जब वे राख बांध के पास पहुँचे तो बैल को दलदल में फंसा देख उनके होश उड़ गए।

बैल के फंसे होने की खबर मिलते ही डूमरचुआ और आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। पिछले तीन दिनों से ग्रामीण लगातार लाठी,डंडे और रस्सियों के सहारे बैल को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल सका ।ग्रामीण रामलाल, मेघनाथ, विवेक, जयप्रकाश, नर्मदा, श्यामनारायण और रामरक्षा पूरी निष्ठा से जुटे हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि राख इतनी गहरी और दलदल है कि बैल को बाहर निकाल पाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।इसकी सूचनाअपर महाप्रबंधक राजेश बोयपाई को मिली तो उन्होंने निर्देश सी आई एस एफ को दिया ।टीम ने रेस्क्यू कर कड़ी मशक्कत के बाद फंसे बैल को निकाला तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।