• Privacy Policy
Sonebhadra Live
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

कौन हैं हमाम हुसैन…जिसने दूध बेचकर घर चलाया, कुश्ती के सपने को जिंदा रख जीता गोल्ड मेडल

Admin by Admin
April 1, 2026
in खेल
0
कौन हैं हमाम हुसैन…जिसने दूध बेचकर घर चलाया, कुश्ती के सपने को जिंदा रख जीता गोल्ड मेडल
0
SHARES
2
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter


Last Updated:April 01, 2026, 21:35 IST

who is Hamam Hussain: पहलवान हमाम हुसैन जब पांच साल के थे, तब उनके पिता का निधन हो गया था. उसके बाद उन्होंने मुफलिसी में अपनी जिंदगी काटी. उन्होंने दूध बेचकर घर चलाया और अपनी कुश्ती के सपने को जिंदा रखा. आज उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर अपने सपने को साकार किया.

कौन हैं हमाम हुसैन, जिसने दूध बेचकर घर चलाया, सपने को जिंदा रख जीता गोल्ड Zoom

हमाम हुसैन ने गोल्ड जीतकर किया कमाल.

अंबिकापुर. करीब दस साल तक मिट्टी के अखाड़े में कुश्ती करने और परिवार की मदद के लिए दूध बेचने वाले जम्मू कश्मीर के पहलवान हमाम हुसैन की मेहनत खेलो इंडिया ट्राइबल खेलों में रंग लाई. जहां उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपना पहला गोल्ड मेडल जीता. जम्मू के जोरावर गांव के 28 साल के हमाम के पिता का पांच साल पहले निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी हमाम और उनके बड़े भाई पर आ गई. दोनों ने मिलकर दूध बेचकर घर चलाया और हमाम ने अपने कुश्ती के सपने को जिंदा रखा. आखिरकार यह संघर्ष खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में रंग लाया, जहां हमाम ने पुरुषों के 79 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में हिमाचल प्रदेश के मोहित कुमार को हराकर गोल्ड मेडल जीता.

यह उनके 14 साल के कुश्ती करियर का पहला राष्ट्रीय स्तर का गोल्ड मेडल है. हमाम ने साई मीडिया से कहा, ‘मेरे बड़े भाई भी पहलवान थे और राज्य स्तर पर खेल चुके हैं. पिता के निधन के बाद सारी जिम्मेदारी हम पर आ गई. मेरे भाई को कुश्ती छोड़नी पड़ी और उन्होंने दूध बेचना शुरू कर दिया. मैं भी उनके साथ दूध देने जाता था क्योंकि परिवार चलाना जरूरी था. लेकिन मेरे भाई ने मुझे हमेशा कुश्ती जारी रखने के लिए प्रेरित किया और मुझे दंगलों में लेकर जाते थे.’ हमाम ने बताया कि उनके पिता की छोड़ी हुई भैंसें ही परिवार की आजीविका का साधन बनीं. एक बच्चे के पिता हमाम ने कहा, ‘जब मैंने मिट्टी के अखाड़े में कदम रखा, तो इस खेल से मुझे लगाव हो गया.’

हमाम हुसैन ने गोल्ड जीतकर किया कमाल.

सीमित संसाधनों के बावजूद हमाम ने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी. वे अपने गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर मिट्टी के अखाड़े में अभ्यास करते हैं और मैट पर ट्रेनिंग के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जम्मू तक जाते हैं. उन्होंने कहा, ‘साई सेंटर जम्मू में है और हम निचले इलाके में रहते हैं, इसलिए वहां नियमित रूप से जाना मुश्किल होता है. हम आमतौर पर प्रतियोगिताओं के दौरान ही वहां जाते हैं, वरना गांव के अखाड़ों में ही अभ्यास करते हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे पास कोई व्यक्तिगत कोच नहीं है. अखाड़े में सीनियर पहलवान हमें गाइड करते हैं. जब हम मैट पर अभ्यास करते हैं, तब वहां कोच होते हैं. गांवों में हमें शहरों जैसी सुविधाएं नहीं मिलतीं. अगर बेहतर सुविधाएं मिलें, तो हमारे क्षेत्र के पहलवान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और ज्यादा मेडल जीत सकते हैं.’ खेलो इंडिया ट्राइबल खेलों के अपने अनुभव के बारे में उन्होंने कहा, ‘हम एक पिछड़े इलाके से आते हैं, जहां कुश्ती के लिए ज्यादा सपोर्ट नहीं है, इसलिए हमें दूर-दूर तक जाना पड़ता है. यह पहली बार है जब हमारे लिए इस तरह की प्रतियोगिता हुई है. अगर ऐसे आयोजन और होते रहें, तो हम और मेडल जीत सकते हैं.’

About the Author

authorimg

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

April 01, 2026, 21:35 IST



Source link

Previous Post

सोनभद्र. फूल-मालाओं और तिलक से हुआ स्वागत, नए सत्र में उत्साह से झूमे नन्हें छात्र

Next Post

विंढमगंज. आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज का वार्षिकोत्सव सम्पन्न

Next Post

विंढमगंज. आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज का वार्षिकोत्सव सम्पन्न

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • सोनभद्र. घोरावल में भीम आर्मी कार्यालय का उद्घाटन, जन्मदिन पर संगठन मजबूत करने का संकल्प
  • सोनभद्र. भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के जन्मदिन पर काटा केक
  • विंढमगंज. आदर्श इंटरमीडिएट कॉलेज का वार्षिकोत्सव सम्पन्न
  • कौन हैं हमाम हुसैन…जिसने दूध बेचकर घर चलाया, कुश्ती के सपने को जिंदा रख जीता गोल्ड मेडल
  • सोनभद्र. फूल-मालाओं और तिलक से हुआ स्वागत, नए सत्र में उत्साह से झूमे नन्हें छात्र

Recent Comments

No comments to show.
  • Privacy Policy

© 2025 Sonebhadra Live - Cliker Studio.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Privacy Policy

© 2025 Sonebhadra Live - Cliker Studio.