बीजपुर/सोनभद्र.@रामबली मिश्रा…

एनटीपीसी रिहंद परियोजना द्वारा वर्तमान बिजली व्यवस्था को हटाकर उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड को लागू करने के निर्णय ने स्थानीय राजनीति और जनमानस में उबाल ला दिया है। सोमवार को समृद्धि जन कल्याण ट्रस्ट के नेतृत्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एनटीपीसी के एजीएम मानव संसाधन राजेश गोईपोइ से मुलाकात कर इस फैसले के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने एजीएम को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया कि एनटीपीसी प्रशासन बिना स्थानीय जनता को विश्वास में लिए अपनी बिजली व्यवस्था को बदलने की तैयारी कर रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि जबरन यूपीपीसीएल लागू करने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और वर्तमान में मिल रही सुविधाओं में कटौती होगी।बैठक के दौरान क्षेत्र के विकास और सीएसआर गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। एजीएम राजेश गोईपोइ का सकारात्मक रुख देख कर ग्रामीणों ने संतोष व्यक्त किया ।
समृद्धि जन कल्याण ट्रस्ट और स्थानीय निवासियों ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था बदलने का निर्णय तत्काल वापस नहीं लिया गया,तो क्षेत्र की जनता बड़े पैमाने पर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी।ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से सिद्धार्थ गुप्ता, जावेद, गोपाल गुप्ता, सुदर्शन पाल, काशी गुप्ता, विश्राम सागर प्रधानपति, रूपेश कुमार,भागीरथी समेत दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।