बीजपुर/सोनभद्र.@रामबली मिश्रा…….

हिन्दी एक सहज, सरल और सुग्राह्य भाषा है, हमें इसे अपने दैनिक कार्यालयीन कार्यों में प्रयोग करना चाहिए । उक्त उद्गार एनटीपीसी रिहंद राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में समिति अध्यक्ष श्री संजय असाटी ने व्यक्त किए ।
भारत सरकार, गृह , मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार राजभाषा कार्यान्वयन समिति की प्रत्येक तिमाही में बैठक अपेक्षित है। उसी अनुक्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एनटीपीसी रिहंद विभागीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की चौथी बैठक समिति अध्यक्ष श्री संजय असाटी, मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रमुख (रिहंद) की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।
इसके पूर्व मानव संसाधन प्रमुख राजेश बोयपाई ने श्री संजय असाटी, मुख्य महाप्रबंधक को पुस्तक देकर उनका स्वागत किया । बैठक के लिए निर्धारित कार्यसूची के मदों पर क्रमवार गहन विचार-विमर्श किया गया तथा हिन्दी प्रचार-प्रसार की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर ज़ोर दिया गया । बैठक में हिन्दी पत्राचार, समिति सदस्यों द्वारा हिन्दी में कार्य करना, विभागों में राजभाषा समन्वयकों को नामित करना तथा अन्य मदों पर चर्चा हुई ।
अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में समिति अध्यक्ष श्री संजय असाटी ने कहा कि विभागीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष के रूप में यह मेरी पहली बैठक है । जैसा कि हम सभी जानते हैं कि देश के स्वतंत्र होने के बाद हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया गया था । रिहंद परियोजना भाषायी वर्गीकरण के अनुसार ‘क’ क्षेत्र में है, अतः हमें राजभाषा विभाग से प्राप्त लक्ष्यों के अनुसार अपना कार्यालयीन कार्य हिन्दी में करना है ।
परियोजना की अवस्थिति के अनुसार हमें स्थानीय आम जनमानस की भाषा में कार्य करना हैं । हिन्दी में काम करना बहुत ही आसान है और तकनीकी क्रांति से भाषायी दीवार टूट चुकी है । हमें हिन्दी में काम करके गर्व होना चाहिए । सभी मदों पर चर्चा और अध्यक्षीय सम्बोधन के उपरांत बैठक सम्पन्न हुई ।
बैठक की कार्यवाही का संचालन पवन कुमार मिश्र, प्रबन्धक (राजभाषा) एवं सदस्य-सचिव, राजभाषा कार्यान्वयन समिति ने किया ।