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Tiger Woods released on bail: दुनिया के दिग्गज गोल्फर टाइगर वुड्स को फ्लोरिडा में नशे में गाड़ी चलाने के संदेह में गिरफ्तार किया गया, जिसके कुछ घंटों बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है. वुड्स की कार एक ट्रक से टकराकर पलट गई थी, जिसके बाद उनमें सुस्ती और नशे के लक्षण देखे गए. हालांकि ब्रीथ टेस्ट में शराब की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन टेस्ट से इनकार करने पर उन्हें 8 घंटे जेल में बिताने पड़े. मास्टर्स टूर्नामेंट से ठीक पहले इस घटना ने खेल जगत को चौंका दिया है.

टाइगर वुड्स जेल से हुए रिहा.
नई दिल्ली. गोल्फर टाइगर वुड्स एक बार फिर खेल के मैदान के बजाय कानूनी पचड़ों के कारण सुर्खियों में हैं. फ्लोरिडा में देर रात वुड्स को नशे में गाड़ी चलाने के संदेह में गिरफ्तार किया गया. हालांकि, कुछ घंटे जेल में बिताने के बाद उन्हें शनिवार तड़के जमानत पर रिहा कर दिया गया है. अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब वुड्स की तेज रफ्तार लैंड रोवर एक ट्रक से टकराकर सड़क पर ही पलट गई. गनीमत यह रही कि इस भयानक एक्सीडेंट में दिग्गज गोल्फर को कोई गंभीर चोट नहीं आई.
मार्टिन काउंटी शेरिफ जॉन बुडेन्सिएक ने मीडिया को बताया कि टाइगर वुड्स (Tiger Woods) एक रिहायशी इलाके की सड़क पर अपनी कार काफी तेज गति से चला रहे थे. ट्रक से टक्कर के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो वुड्स का व्यवहार सामान्य नहीं था. जांचकर्ता के अनुसार, वुड्स काफी सुस्त लग रहे थे और उनके बात करने के तरीके से नशे के लक्षण साफ झलक रहे थे.
टाइगर वुड्स जेल से हुए रिहा.
हैरानी की बात यह है कि जब वुड्स का ‘ब्रीथ एनालाइजर’ टेस्ट (सांस का परीक्षण) किया गया, तो उसमें शराब की पुष्टि नहीं हुई. यानी वुड्स ने शराब नहीं पी रखी थी. बावजूद इसके, पुलिस को शक है कि उन्होंने किसी प्रतिबंधित दवा या नशीले पदार्थ का सेवन किया था. जब अधिकारियों ने पुख्ता जांच के लिए मूत्र परीक्षण (Urine Test) की मांग की, तो वुड्स ने साफ इनकार कर दिया. फ्लोरिडा के कड़े नियमों के तहत, टेस्ट से इनकार करने और नशे के लक्षणों के आधार पर उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया.
जेल में बिताए 8 घंटे, सुरक्षा के लिए रखा गया अलग
फ्लोरिडा के कानून के मुताबिक, DUI के संदेह में गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत मिलने से पहले कम से कम 8 घंटे जेल की सलाखों के पीछे बिताने पड़ते हैं. वुड्स को भी इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ा.जेल प्रशासन ने उनकी लोकप्रियता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें अन्य कैदियों से अलग रखा था. शनिवार सुबह कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें रिहा किया गया.
पुरानी यादें हुई ताजा
यह पहली बार नहीं है जब टाइगर वुड्स इस तरह की मुसीबत में फंसे हैं. साल 2017 में भी उन्हें इसी तरह के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था. उस वक्त पुलिस ने उन्हें अपनी कार की स्टीयरिंग पर सोते हुए पाया था. तब वुड्स ने स्पष्टीकरण दिया था कि उन्होंने शराब नहीं, बल्कि सर्जरी के बाद ली जाने वाली दर्द निवारक दवाओं (Painkillers) का गलत मिश्रण ले लिया था, जिसका उन पर बुरा असर हुआ. ताजा घटना ने एक बार फिर वुड्स के स्वास्थ्य और उनकी आदतों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मास्टर्स टूर्नामेंट पर संकट के बादल?
टाइगर वुड्स की यह गिरफ्तारी ऐसे नाजुक समय पर हुई है जब पूरा गोल्फ जगत 9 अप्रैल से शुरू होने वाले प्रतिष्ठित ‘मास्टर्स टूर्नामेंट’ का इंतजार कर रहा है. वुड्स पिछले काफी समय से अपनी फिटनेस पर काम कर रहे थे ताकि वह इस बड़े टूर्नामेंट में वापसी कर सकें. 2024 के ब्रिटिश ओपन के बाद से उन्होंने कोई आधिकारिक टूर्नामेंट नहीं खेला है. अब इस कानूनी विवाद और संभावित अदालती कार्यवाही के बाद, उनके मास्टर्स में खेलने पर संशय के गहरे बादल मंडराने लगे हैं. टाइगर वुड्स के प्रशंसक जहां उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं, वहीं खेल जगत इस खबर से हैरान है. क्या यह महान खिलाड़ी इस विवाद से उबरकर एक बार फिर गोल्फ कोर्स पर वापसी कर पाएगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
