रेणुकूट/सोनभद्र.@अमिताभ मिश्रा……

विश्व क्षय-रोग दिवस के अवसर पर कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय, पिपरी में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य तपेदिक (टीबी) जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और समय पर पहचान व उपचार के महत्व को समझाना था।
इस दौरान चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दत्त त्रिपाठी ने उपस्थित चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, कर्मचारियों, बिमांकितों एवं अन्य मरीजों को संबोधित करते हुए टीबी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन समय पर जांच और सही उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि टीबी के प्रमुख लक्षणों में लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी आना, बुखार, वजन घटना, रात में पसीना आना और कमजोरी शामिल हैं।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करानी चाहिए, जिससे बीमारी की पुष्टि समय पर हो सके और इलाज शुरू किया जा सके। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि टीबी का संक्रमण हवा के माध्यम से फैलता है, इसलिए संक्रमित व्यक्ति को सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही, मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने की सलाह दी गई, क्योंकि अधूरा इलाज बीमारी को और गंभीर बना सकता है।
चिकित्सा अधीक्षक ने उपस्थित लोगों को टीबी की जांच, निदान, उपचार और रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए सभी से सहयोग की अपील की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को टीबी के प्रति जागरूक रहने, लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराने और दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर चिकित्सालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा और सभी ने मिलकर टीबी उन्मूलन की दिशा में योगदान देने का संकल्प लिया।