मुख्यालय/सोनभद्र. @विशाल टंडन…..

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज बढ़ौली चौक पर भारत–अमेरिका ट्रेड डील की प्रतियां जलाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने इस समझौते को किसानों, छोटे व्यापारियों और आम जनता के हितों के विरुद्ध बताया। जिलाध्यक्ष रमेश गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ की गई इस ट्रेड डील को लेकर देशभर में गहरी चिंता और व्यापक आशंकाएँ व्याप्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते की शर्तों, संभावित लाभार्थियों तथा इसके दूरगामी प्रभावों के संबंध में न तो संसद को विश्वास में लिया गया है और न ही देश की जनता के समक्ष पूर्ण पारदर्शिता बरती गई है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ भारतीय उद्योग समूहों के विरुद्ध चल रही जांच और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी खबरों के बीच इस समझौते की समय-संवेदनशीलता पर स्वाभाविक प्रश्न उठ रहे हैं। काशी प्रांत के पूर्व उपाध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि पूर्व में भी बड़े रक्षा और व्यापारिक सौदों को लेकर व्यापक सार्वजनिक बहस हुई है। इसलिए वर्तमान ट्रेड डील के संदर्भ में भी यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि कहीं इससे किसी विशेष उद्योग समूह को लाभ तो नहीं पहुंचाया जा रहा है।

वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष केवल कुशवाहा ने आरोप लगाया कि इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत तक टैक्स लगाएगा, जबकि भारत अमेरिकी उत्पादों पर शून्य प्रतिशत शुल्क वसूलेगा। उन्होंने कहा कि यदि भारतीय कृषि बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खोला जाता है, तो इससे देश के करोड़ों किसानों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति कमजोर हो सकती है।
पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी ने कहा कि अमेरिका में किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारतीय किसान सीमित संसाधनों में खेती करते हैं। ऐसे में समान प्रतिस्पर्धा संभव नहीं है। जिला उपाध्यक्ष राजकुमार मौर्य ने कहा कि समझौते में “और अन्य उत्पाद” जैसे प्रावधान भविष्य में और अधिक क्षेत्रों को विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए खोलने की आशंका पैदा करते हैं, जिससे आर्थिक और खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।जिला सचिव शिवम सिंह घमड़ी ने कहा कि किसानों, एमएसएमई, छोटे व्यापारियों, युवाओं और मध्यम वर्ग पर इस समझौते के प्रभाव को लेकर अब तक कोई विस्तृत श्वेत पत्र या संसदीय चर्चा सामने नहीं आई है।
किसान प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष विवेक पांडे ने कहा कि यह समझौता केवल आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि देश की आत्मनिर्भरता और कृषि संरचना से जुड़ा प्रश्न है। इससे छोटे किसानों की आय, स्थानीय बाजार और रोजगार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा और इस ट्रेड डील को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
कार्यक्रम में दिनेश पटेल, राजेंद्र मौर्य, अनवर अली अंसारी, राजेश कुमार, श्रीमती शैल कुमारी, शमशाम अली, ललित पटेल, लक्ष्मीनारायण गोविंद चौबे, नागेंद्र कुमार मौर्य, मुनौयर अली, असलउद्दीन, जोखन पटेल, श्रवण कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।