सलखन/सोनभद्र. @बद्री प्रसाद….
— कुछ ही समय में उखड़ जाएगी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़क

रावर्ट्सगंज विकासखंड के मारकुंडी ग्राम पंचायत के विभिन्न टोलों कुशहिया, पेडरहवा, सात नंबर पिरहवा,गुरमा खदान,कब्रिस्तान से होते हुए गुरमा घाघर पुल,शीतला मंदिर एवं मीनाबाजार तक कराए जा रहे पीडब्ल्यूडी सड़क मरम्मत कार्य में गंभीर अनियमितताएं उजागर हो रही हैं। निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों को दरकिनार कर घटिया किस्म की सामग्री का खुलेआम प्रयोग किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार- जहां सड़क निर्माण में सोलिंग (मजबूत पत्थर की परत) बिछाई जानी चाहिए थी, वहां मिट्टीदार सफेद पत्थर का प्रयोग किया जा रहा है। कई स्थानों पर तो भस्सी एवं लाल मिट्टी युक्त पत्थर डालकर औपचारिकता पूरी की जा रही है। सड़क की मजबूती के लिएआवश्यक तारकोल नाममात्र का मिलाया जा रहा है,जबकि मानकों के अनुसार इसकी पर्याप्त मात्रा अनिवार्य होती है।वहीं छर्री का उपयोग कर काम को जल्दी-जल्दी निपटाने की कोशिश की जा रही है।
निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि सड़क बनने के दौरान ही जगह-जगह से उखड़ना शुरू हो गया है।ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की लापरवाहीपूर्ण मरम्मत से यह मार्ग बरसात आने से पहले या दो-तीन महीने के भीतर ही पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएगा।सड़क के किनारों पर किया जा रहा पेंटिंग कार्य भी मानकों के अनुरूप नहीं है।न मोटाई का ध्यान रखा जा रहा है और न ही गुणवत्ता का।कुलमिलाकर सड़क मरम्मत का यह कार्य केवल कागजों में मजबूत दिखाई दे रहा है, जबकि हकीकत में यह “कहानी- कहानी” बनकर रह गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह पूरा कार्य पीडब्ल्यूडी के माध्यम से कराया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा न तो गुणवत्ता की जांच की जा रही है और न ही कार्यस्थल पर नियमित निरीक्षण हो रहा है।कार्यदायी संस्था मनमानी ढंग से काम कर रही है और निर्माण मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सड़क मरम्मत कार्य की तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच कराई जाए, प्रयोग की गई सामग्री की जांच हो तथा दोषी ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही मानक के अनुरूप दोबारा सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और टिकाऊ मार्ग मिल सके।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग समय रहते इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेगा, या फिर यह सड़क भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर कुछ ही समय में उखड़ जाएगी।