रेणुकूट/सोनभद्र. @अमिताभ मिश्रा…..

यूजीसी द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में समता स्थापित करने के लिए जारी नए दिशानिर्देशों के विरोध में रेणुकूट एवं पिपरी नगर के सामान्य वर्ग के नागरिकों की बैठक पिपरी नगर पंचायत भवन स्थित कल्याण मंडप में सनातन एकता सेवा संघ के सौजन्य से आयोजित की गई।
बैठक में वक्ताओं ने यूजीसी द्वारा हाल ही में लागू किए गए नियमों को सामान्य वर्ग के छात्रों और युवाओं के हितों के खिलाफ बताया।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्थाएं उच्च शिक्षा संस्थानों में सामान्य वर्ग के छात्रों एवं शिक्षकों के समानता के मूल अधिकार का हनन करती हैं। साथ ही आरोप लगाया गया कि इन नियमों का उपयोग छात्रों के विरुद्ध झूठी शिकायतें करने में किया जा सकता है तथा शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रस्तावित कमेटी की चयन और जांच प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है।
बैठक के दौरान यूजीसी से संबंधित नियमों की समीक्षा करते हुए उनके सामाजिक और शैक्षणिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में इन नियमों को रद्द करने की मांग की। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सामान्य वर्ग के प्रत्येक घर से प्रधानमंत्री के नाम यूजीसी नियमों को वापस लेने (रोल बैक) की मांग को लेकर पत्र भेजा जाएगा।
प्रतिनिधियों ने बताया कि शहर से कम से कम 15 हजार पत्र 10 मार्च तक प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा ज्ञापन के माध्यम से सरकार और यूजीसी तक अपनी बात पहुंचाने की रणनीति भी बनाई गई।
बैठक में बड़ी संख्या में सामान्य वर्ग के छात्र, अभिभावक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर पंकज मिश्रा, मनोज त्रिपाठी , अभय सिंह, मुन्ना सिंह, योगेंद्र सिंह, बबलू सिंह, बंटू शाही, राजू मिश्रा, प्रवीण पांडेय, पवन पांडेय, अभिषेक अग्रवाल, मनोज कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।