@जेo केo/सोनभद्र……

Sonbhadra । आज सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपने हक हुकूक के लिए आवाज बुलंद की, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया और सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया, कार्यकत्रियों ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की सरकार से अपील की, साथ ही कहा कि ₹6000 मानदेय की जगह ₹24000 देने की सरकार से मांग किया, मांगे ना माने जाने पर आगामी 8 मार्च को लखनऊ में भारी संख्या में पहुंच कर प्रदर्शन की तैयारी की बात कही।
इसी क्रम में आज धरना प्रदर्शन के माध्यम से जनपद की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा विकास भवन प्रांगण में धरना प्रदर्शन करते हुए विरोध स्वरूप माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को प्रेषित किया गया धरना प्रदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जगदीश प्रसाद वर्मा द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार को सीधी चेतावनी दी गई ।
यदि 7 मार्च 2026 तक मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि सहित पोषण ट्रैकर एप पर ऑनलाइन कार्य हेतु 59 मोबाईल तथा रिचार्ज डाटा हेतु अतिरिक्त धनराशि का भुगतान किये जाने आदि अन्य मांगो को पूरा नहीं किया गया तो पोषण ट्रैक्टर एवं समस्त ऑनलाइन कार्य को बंद करते हुए प्रदेश की समस्त आंगनबाड़ी कार्य कर्ता 8 मार्च 2026 को लखनऊ में कलम बंद हड़ताल करने हेतु मजबूर होगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।
इसी कड़ी में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रतिमा सिंह जिलाध्यक्ष ने सरकार पर आरोप लगाते हुए यह मांग की है कि ड्राई राशन वितरण में स्वयं सहायता समूह की भूमिका को तत्काल समाप्त किया जाए, अन्यथा इसका सीधा खामियाजा आने वाले चुनाव में उत्तर प्रदेश सरकार को भुगतना पड़ेगा, धरना
प्रदर्शन को जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह, पूर्व जिला मंत्री सुरेन्द्र नाथ तमां जिला संरक्षक विरेन्द्र कुमार कार्यवाहक अध्यक्ष उर्मिला सिंह जिला मंत्री विभा सिंह शशीकिरन माधुरी पाण्डेय हेमलता सुनिता दिप्ती सिंह इन्द्रावती प्रियंका पाण्डेय जानकी प्रधान गीता साधना विश्वकर्मा रेनु सिंह रेखा विन्ध्यवासिनी साधना श्रीवास्तव संतरा ममता सुमित्रा सविता संकुन्तला रंजना सिंह कमला मौर्या माया पटेल मंजू सिंह आदि हजारों कार्यकर्ताओ ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस दौरानरानी देवी, आशा देवी, ममता सिंह, मायारानी, बासमती, कान्ती, प्रमिला, रेखा, मंजुलता, मधुवाला, कुसुम, कलावती, ज्ञानमती, सुभाषनी, निर्मला, मनोरमा सवित्री, शैली, सन्तोषी, रंजना, मकसूदा, कमलसिंह, ममता यादव, कमलरा, रामसरकी, बारा देवी, लालवती देवी, प्रियंका, प्रिती, अन्जु, सुनीता, चिन्ता समेत सैकड़ों कार्यकत्री मौजूद रही।