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उदयपुर की सरकारी स्कूल की छात्रा सोनाक्षी पंडित ने मणिपुर में अंडर-17 नेशनल जूडो चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर साबित कर दिया कि हौसले बुलंद हों तो कोई भी मंज़िल मुश्किल नहीं. सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार अभ्यास, अनुशासन और अपने फिजिकल टीचर सुशील सेन के मार्गदर्शन ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया. सोनाक्षी की यह सफलता हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है कि सही मार्गदर्शन, आत्मविश्वास और मेहनत से कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता.
उदयपुर. कहते हैं कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर हौसले बुलंद हों तो मंज़िल जरूर मिलती है. इस कहावत को सच कर दिखाया है उदयपुर नगर निगम के सफाई कर्मचारी की बेटी और सरकारी स्कूल की छात्रा सोनाक्षी पंडित ने. मणिपुर में आयोजित अंडर-17 स्कूली नेशनल जूडो चैम्पियनशिप में सोनाक्षी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ उदयपुर बल्कि पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया है.
सोनाक्षी की यह जीत आसान नहीं थी, क्वार्टर फाइनल में उसने हरियाणा की मजबूत खिलाड़ी को हराया, सेमीफाइनल में पंजाब की धाकड़ खिलाड़ी को पटखनी दी और फाइनल में सीबीएसई टीम की खिलाड़ी मेहरप्रीत को कड़े मुकाबले में पराजित कर गोल्ड अपने नाम किया. मुकाबला इतना रोमांचक रहा कि निर्धारित चार मिनट के समय में कोई भी खिलाड़ी बढ़त नहीं बना पाया. इसके बाद दिए गए एक्स्ट्रा टाइम में सोनाक्षी ने अपनी सूझबूझ और तकनीक का शानदार प्रदर्शन करते हुए ‘कोएनगे टेक्नीक’ लगाकर निर्णायक अंक हासिल किया.
फिजिकल टीचर पांच वर्षों से निःशुल्क करा रहे जूडो की प्रैक्टिस
सोनाक्षी की इस सफलता के पीछे उसके फिजिकल टीचर सुशील सेन का अहम योगदान रहा है. खुद सोनाक्षी बताती है कि सुशील सेन सर पिछले पांच वर्षों से उसे निःशुल्क जूडो की प्रैक्टिस करवा रहे हैं. उन्होंने न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया. सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार अभ्यास और अनुशासन ने आज उसे इस मुकाम तक पहुंचाया. सोनाक्षी वर्तमान में गोरेला सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 10वीं की छात्रा है. इससे पहले उसने भीलूराणा सरकारी स्कूल से आठवीं तक पढ़ाई की. पढ़ाई के साथ-साथ खेल में निरंतर आगे बढ़ने की उसकी जिद ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है.
गौरतलब है कि सोनाक्षी इससे पहले भी कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुकी है. भारतीय जूडो महासंघ की वेस्ट जोन वुमेंस लीग में 2022 से 2024 तक लगातार तीन गोल्ड मेडल, खेलो इंडिया नेशनल वुमेंस लीग में 2023 और 2024 में सिल्वर, 2024 में सब जूनियर फेडरेशन में ब्रॉन्ज, अंडर-17 कैडेट नेशनल जूडो में ब्रॉन्ज और 2025 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में सिल्वर मेडल जीत चुकी है. सोनाक्षी की यह उपलब्धि उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित साधनों में भी बड़े सपने देखती हैं. उसकी कहानी बताती है कि अगर सही मार्गदर्शन, परिवार का साथ और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता.
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