@जेo केo/सोनभद्र…..

Sonbhadra । आमतौर पर गर्मी के दिनों में सियार के हमले सुनने में आते हैं लेकिन ठंड में भी सियार के हमले सामने आए हैं।
जुगैल ग्राम पंचायत में पिछले दो दिनों से एक जंगली सियार का आतंक बना हुआ है। सियार ने गांव में 25 से अधिक लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। इन हमलों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं, वहीं कई मवेशी भी सियार की चपेट में आए हैं। सियार के लगातार हमलों के कारण पूरे गांव में भय का माहौल है।
ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। घायल ग्रामीणों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन ले जाया गया। वहां उन्हें प्राथमिक उपचार के तौर पर टीटी (टेटनस टॉक्सोइड) और रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए। हालांकि, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंटी-रेबीज सीरम उपलब्ध नहीं था।
जिसके कारण सभी घायलों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पीड़ितों और उनके परिजनों को जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में भी एंटी-रेबीज सीरम नहीं मिलने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्वास्थ्य व्यवस्था की इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखी गई।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की सूचना वन विभाग को दे दी है। वन विभाग ने बताया है कि सियार को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर उसे मार गिराया जाएगा। घायलों में अमर सिंह (30) पुत्र महेन्दर, फुल मती (20) पुत्री भोला, गोलू (11) पुत्र विजय, संदीप (10) पुत्र विजय, गुड्डी (30) पत्नी विजय, बच्चा देवी (60) पत्नी अन्तलाल, रामाधार (19) पुत्र रामकिशुन, अंकुश (5) पुत्र रामसजीवन तथा सवनम (25) पत्नी अजान अली शामिल हैं। सभी घायलों को थाना जुगैल क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार, सभी की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। बाकी अन्य घायलों की जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है। फिलहाल, जुगैल गांव के लोग दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सियार को पकड़ने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। ग्रामीण बच्चों व बुजुर्गों को अकेले बाहर निकलने से रोक रहे हैं।