ओबरा/सोनभद्र. @सौरभ गोस्वामी…….
— आयोजन के संरक्षक राबर्ट्सगंज विधायक भूपेश चौबे और अध्यक्ष रमेश सिंह ने असहायों में वितरित किया 2500 कम्बल

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सोनभद्र जनपद के ओबरा स्थित राम लीला मैदान में एक भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी पूरा क्षेत्र बना। धार्मिक आस्था, सामाजिक सेवा और लोक परंपराओं से सजे इस कार्यक्रम ने लोगों के दिलों में खास जगह बना ली। इस अवसर पर रक्तदान शिविर, कंबल वितरण, पतंगबाजी और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धा और सेवा का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। कार्यक्रम का आयोजन संरक्षक राबर्ट्सगंज विधायक भूपेश चौबे, अध्यक्ष रमेश सिंह, समाजसेवी अमित अग्रवाल उर्फ रिक्की एवं समाजसेवी रमेश सिंह के सौजन्य से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक और भावुक क्षण तब सामने आया, जब ओबरा निवासी 62 वर्षीय रामलाल जायसवाल ने रक्तदान कर समाज के लिए एक असाधारण उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी इस पहल ने युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी को प्रेरित किया। उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ उनके जज्बे को सलाम किया। ब्लड डोनेट की बात करें तो आज 206 लोगों ने अपना ब्लड दान किया है, कुल 206 यूनिट ब्लड का कलेक्शन किया गया है, जिसमें वाराणसी के निजी ब्लड बैंक, जिला अस्पताल और दुद्धी के बैंकों में ब्लड यूनिट का दिया गया है।
ठंड के इस मौसम में कंबल वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए, जिससे गरीब एवं असहाय लोगों के चेहरों पर मुस्कान देखने को मिली। पतंगों से सजा आसमान, भंडारे में उमड़ा जनसैलाब मकर संक्रांति की परंपरा के अनुसार पतंगबाजी ने बच्चों और युवाओं में खास उत्साह भर दिया। वहीं, विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरा मंदिर परिसर “जय श्रीराम” और धार्मिक नारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे सामाजिक एकता व मानव सेवा का बेहतरीन उदाहरण बताया।
आयोजन के संरक्षक विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज में सेवा, सहयोग और संस्कार की भावना और मजबूत हो।मकर संक्रांति का यह आयोजन न सिर्फ एक पर्व था, बल्कि मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत संदेश भी।