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कोडरमा जिले के तीन होनहार कबड्डी खिलाड़ी नवाज़ दिलशान, रवि कुमार और बिट्टू कुमार का चयन 51वीं जूनियर राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिए झारखंड टीम में हुआ है. 15–18 जनवरी को विजयवाड़ा में होने वाली इस प्रतियोगिता में खिलाड़ी जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे.
कोडरमा जिले के लिए यह गर्व और उत्साह का क्षण है, जब जिले के तीन होनहार कबड्डी खिलाड़ियों का चयन झारखंड राज्य टीम में हुआ है. ये खिलाड़ी 51वीं जूनियर राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता (बालक वर्ग) में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे. जिसका आयोजन 15 से 18 जनवरी तक विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) में किया जाएगा. इस उपलब्धि ने न केवल खिलाड़ियों के परिवारों बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है.
आने वाले पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी खिलाड़ियों की सफलता
चयनित खिलाड़ियों में नवाज़ दिलशान (पिता मिर्जा नईम बेग, निवासी भदोड़ीह, झुमरी तिलैया), रवि कुमार (पिता प्रभु यादव, निवासी तिलैया डैम, सिमरिया) और बिट्टू कुमार (पिता पंकज कुमार, निवासी सुंदर नगर, कोडरमा) शामिल हैं. तीनों खिलाड़ियों का चयन उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगातार अभ्यास का परिणाम है. इस अवसर पर कोडरमा जिला कबड्डी संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया. संघ के अध्यक्ष संदीप कुमार सिन्हा, सचिव धर्मेंद्र कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि यह सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी पदक जीतकर जिले और राज्य का नाम रोशन करेंगे.
प्रैक्टिस के दौरान कंधा हुआ फ्रैक्चर लेकिन जुनून नहीं हुआ कम
नेशनल चैंपियनशिप के लिए चयनित खिलाड़ी नवाज़ दिलशान की कहानी संघर्ष और जज़्बे की मिसाल है. उन्होंने बताया कि उनकी कबड्डी यात्रा वर्ष 2022 से शुरू हुई. शुरुआत में उन्होंने कोडरमा इंटर-स्कूल कबड्डी चैंपियनशिप में भाग लिया और फिर रोज़ सुबह-शाम सीएच ग्राउंड में अभ्यास करने लगे. इस दौरान उन्हें कई गंभीर चोटें लगीं, यहाँ तक कि कंधे में फ्रैक्चर भी हुआ. परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों के कारण घरवाले पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह देते थे. लेकिन खेल के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ. जब उनका चयन पहली बार अंडर-19 झारखंड बॉयज़ टीम में हुआ, तब परिवार का विश्वास और समर्थन भी बढ़ा. अब तक वे छह राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं और उनका लक्ष्य अपने माता-पिता व जिले का नाम रोशन करना है.
मैदान की नहीं है व्यवस्था 30 किलोमीटर दूर जाकर करते हैं प्रैक्टिस
वहीं रवि कुमार ने बताया कि उनके पिता पेशे से ड्राइवर हैं. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हमेशा उन्हें खेल के लिए प्रोत्साहित किया. पिछले तीन वर्षों से वे नियमित रूप से कबड्डी खेल रहे हैं और रोज़ अभ्यास के लिए लगभग 30 किलोमीटर दूर जेजे कॉलेज ग्राउंड जाते हैं. रवि ने कोडरमा जिला कबड्डी संघ के सहयोग के लिए आभार जताते हुए जिला प्रशासन से खिलाड़ियों के लिए इंडोर और आउटडोर अभ्यास मैदान की व्यवस्था करने की अपील की.
