चोपन/सोनभद्र. @कृपा शंकर पांडेय….

नगर के सोननदी के पावन तट पर स्थित चोपन वैरियर परिसर में चल रही सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का मंगलवार को दूसरे दिवस अत्यंत श्रद्धामय वातावरण में आयोजन किया गया। कथा व्यासपीठ पर विराजमान मां विंध्यवासिनी धाम, मिर्जापुर से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक श्री श्री सच्चिदानंद जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के दिव्य प्रसंगों का रसास्वादन कराते हुए भक्तों को आध्यात्मिक आलोक से अभिभूत कर दिया।
महाराज जी ने भगवान शिव और माता पार्वती के संवाद से कथा का प्रारम्भ करते हुए बताया कि प्रथम बार स्वयं महादेव ने भगवती पार्वती को भागवत कथा का पावन वृतांत श्रवण कराया था। इसके आगे कथा में उन्होंने भगवान शुकदेव जी के अवतरण, उनके जन्म का अलौकिक प्रसंग तथा धुंधकारी के मोक्ष की अत्यंत मार्मिक कथा का विस्तृत वर्णन प्रस्तुत किया।
कथावाचक ने स्पष्ट किया कि भागवत श्रवण का अधिकारी वही व्यक्ति है जिसका मन निर्मल, विचार पवित्र तथा परपीड़ा से रहित हो। जो दूसरे के सुख में आनंदित होता है और जीवन में भक्ति को सर्वोपरि स्थान देता है, वही भक्त वास्तव में इस महापुराण के वास्तविक संदेश को आत्मसात कर पाता है।
कथा के दौरान संगीतमय भजनों की प्रस्तुति से पूरा परिसर भक्ति-भाव से सराबोर हो उठा। “हरि नाम” के गुंजायमान स्वर और दिव्य कथा का रसपान करते हुए श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। नगर सहित आस-पास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही और यजमान मंडल द्वारा सुव्यवस्थित व्यवस्था का प्रबंध सराहनीय रहा।
आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में कथा में श्रीकृष्ण लीलाओं सहित अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसके लिए श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। इस दौरान प्रदीप अग्रवाल, बाबूलाल केशरी, अमरनाथ दूबे, विकास चौबे, महेंद्र केशरी, पुनीत पाठक, पम्मी केशरी सहित भारी संख्या में कथाप्रेमी मौजूद रहे|