@जे0 के0/सोनभद्र……
__इसी राधा रानी अस्पताल पर कई बार हुई कार्रवाई, जगह और नाम बदल कर दोबारा हर ले रहे जिंदगी
__स्वास्थ्य विभाग नहीं कराता है मुकदमा, जिससे इनके हौसल हो रहे मजबूत
__पूर्व डीएम चंद्र विजय सिंह ने इस अस्पताल पर मुकदमा कराने के लिए कहा था

Sonbhadra । दुद्धी क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे अवैध अस्पतालों में आए दिन मौतें हो रही हैं। ताजा घटना में दुद्धी के जावर गांव के पास एक निजी अस्पताल राधा रानी में प्रसूता देवंती पत्नी शिवकुमार (उम्र लगभग 32 वर्ष) की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति गंभीर हो गई।
परिजन जब उसे वाराणसी रेफर करने गए तो वहां पहुंचकर पति ने देखा कि उसकी सांसें नहीं चल रही थीं और मुंह खुला था। इससे उन्हें शंका हुई कि महिला की मौत पहले ही हो चुकी है, जब शव लेकर परिजन वापस अस्पताल आए तो अस्पताल संचालक ने मौके पर लगे बैनर, पोस्टर, और होर्डिंग तोड़ कर हटा दिए, ताला लगा दिया और फरार हो गए।

इस अस्पताल पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद ने कुछ हफ्ते पहले इसी अस्पताल की जांच की थी और सीएमओ ने इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। वर्ष 2024 में भी इसी अस्पताल में “प्रेरणा फाउंडेशन” नाम से एक अवैध अस्पताल संचालित था, जहां एक जच्चा-बच्चे की मौत हो गई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और अस्पताल को स्थायी रूप से सील कर दिया था।
हालांकि वर्तमान में वही अस्पताल संचालक जगह और अस्पताल का नाम बदलकर फिर से अवैध रूप से अस्पताल चला रहा है, इस तरह दुद्धी में अवैध अस्पतालों का संचालन लगातार मरीजों की जान को खतरे में डाल रहा है। प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो रही है ताकि भविष्य में और मौतों को रोका जा सके।
