घोरावल/सोनभद्र. @विजय अग्रहरी……

घोरावल नगर के शिव मंदिर धर्मशाला परिसर में आयोजित 9 दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान महायज्ञ के दूसरे दिन बृहस्पतिवार शाम कथावाचक श्रीब्रजरसदास जी महाराज ने भगवान भागवत कथा के महत्व का वर्णन एवं विश्लेषण कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सर्वप्रथम यजमान और श्रद्धालुओं द्वारा व्यास पीठ की पूजा आरती किया गया। वृंदावन से आए मुख्य कथावाचक श्रीब्रजरस दास ने श्रीमद्भागवत कथा का वर्णन एवं विश्लेषण करने हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण के फल को तौला नही जा सकता।
कलियुग में यह महान ग्रन्थ मुक्ति का द्वार है।इस परम् दिव्य महाग्रंथ को सुनने के बाद किसी ग्रंथ के श्रवण की आवश्यकता नही है।भगवान का नाम जब अन्तःकरण में जाता है तो वह पूरे बदन की सफाई झाड़ू की तरह लग जाता है।भगवान को समर्पण भाव चाहिए न कि दिखावा।अधर्म से कमाया धन भगवान स्वीकार नही करते हैं।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला मानव मात्र के लिए एक दिव्य सन्देश है।कुरुक्षेत्र की रणभूमि में अर्जुन को दिया गया उनका अलौकिक गीता का ज्ञान सम्पूर्ण विश्व के एक ऐसी धरोहर है, जो युगों युगों तक समस्त ब्रह्मांड को प्रकाशित करता रहेगा।
श्रीमद्भागवत में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य का संगम है। मानव शरीर देवताओं को भी दुर्लभ है।यह पंचतत्व रचित शरीर अधम शरीर है।श्रीमद्भागवत है क्या।भगवान के द्वारा जो कहा गया वहीं भागवत है, जिसे परमात्मा ने ब्रह्मा को दिया।जो भी भगवान का है वह भागवत है।जहां भक्ति ज्ञान और वैराग्य का विस्तार होता है वह भागवत है। जो प्रतिदिन श्रीमद्भागवत महापुराण का पाठ करता है।उसे कपिला गौ दान का फल मिलता है।जो प्रतिदिन आधे श्लोक या चौथाई श्लोक का पाठ करता है उसे हजार गायों के दान का फल मिलता है।
जो प्रतिदिन भागवत के एक श्लोक का पाठ करता है वह 18 पुराणों के पाठ का फल प्राप्त कर लेता है। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष सूरज श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष राकेश कुमार, अशोक अग्रहरि, रमेश पांडेय, राजकुमार बाबा, दयाशंकर गुप्ता इत्यादि मौजूद रहे।