@जे0के0/सोनभद्र…….

Sonbhadra । परा विधिक स्वयं सेवक कार्यों में पारदर्शिता लायें, कार्य क्षेत्र और कार्य प्रकृति को विस्तारित करते हुए न्याय और मूलभूत अधिकारों से वंचित समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों तक विधिक साक्षरता और जागरूकता का बिगुल फूंके और उनके अधिकारों का संरक्षण कराने में मुख्य भूमिका निभायें।
यह बातें मंगलवार 02 दिसम्बर 2025 को एडीआर भवन सोनभद्र में आयोजित पीएलवी मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए अपर जनपद न्यायाधीश सचिव/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव ने कही।
श्री यादव ने कहा कि गांवों में, पंचायत भवनों पर शिविर लगायें, घरेलू हिंसा में मध्यस्थता कर परिवार जोड़े, नाबालिग, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक उत्पीड़न, दहेज, मानव तस्करी, शिक्षा का अधिकार, वनाधिकार, पट्टा, वनोपज, मज़दूरों का शोषण पर सतर्क दृष्टि रखते हुए उन्हें क़ानूनी सहायता उपलब्ध करायें।
श्री यादव ने राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रभावी क्रियान्वयन पर ज़ोर देते हुए 13 दिसम्बर 2025 को जनपद सोनभद्र में आयोजित होने जा रही राष्ट्रीय लोक अदालत की प्रासंगिकता और उससे होने वाले लाभ के विषय में आमजनों को जागरूक करने पर बल दिया। मीटिंग के दौरान पीएलवी के कार्य प्रकृति और क्षेत्र में विस्तार किए जाने के विषय में दिशा निर्देश भी जारी किया।
इस अवसर पर जनपद के विभिन्न तहसील क्षेत्रों में कार्यरत परा विधिक स्वयं सेवकों में कमाल अहमद, अजय मिश्रा, प्रदीप मिश्रा, मनोज पाठक, सरिता लाहा, निगार फ़रज़ाना, रंजू भारती, दीपन कुमार, भोला, सपना सिंह आदि पीएलवी मौजूद रहे।
जानकारी अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव ने दी।