@जे0के0/सोनभद्र……..
__सात महीने में 256 मामले आए सामने, जिनमें 22 मामलों में लगे 10 करोड़ की पेनाल्टी
__चालू वित्तीय वर्ष में जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह की तरफ से 7 महीने में 30 बैनामों की जांची गई भौतिक स्थिति
__10 प्रकरण में 23.14 हजार रुपए की पकड़ी गई स्टांप चोरी

SONBHADRA । सर्वविदित है कि जनपद आदिवासी बाहुल्य जिला होने के बावजूद यहां पर जमीनों की खरीद उपरोक्त में बड़े घोटाले सामने आए हैं कई करोड़ की स्टांप चोरी पकड़ी गई है सही लोकेशन छुपा कर संबंधित रजिस्ट्री कराते हैं विभाग के मिली भगत से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सूत्रों की माने तो बैनामे के समय जमीन से जुड़ी लोकेशन की सही जानकारी नहीं दी जाती है, ऐसा भी नहीं है कि संबंधित ही इस मामले में दोषी है, बैनामे से जुड़े अन्य लोग भी इसमें सहयोग करते हैं, बैनामे के समय जमीन से जुड़ी लोकेशन की सही जानकारी छुपा कर रजिस्ट्री कराई जा रही है पिछले 7 माह में ऐसे 256 मामले सामने आए हैं, यानी हर महीने 30 से अधिक रजिस्ट्री ऐसी हुई है।
इनमें कुल 3 करोड़ 54 लाख स्टांप चोरी अफसरों ने जांच में पकड़ी है, मामला सामने आने के बाद संबंधितों पर बड़ी पेनल्टी भी लगाई है, 7 महीने के दौरान 271 जिसमें पुराने 15 मामले भी शामिल है स्टांप वादों का निस्तारण करते हुए 11 करोड़ पेनाल्टी (स्टांप कमी) सहित लगी है।
डीएम एडीएम ए आईजी स्टैंप और सब रजिस्टार की तरफ से किसी ने किसी बेनामी से जुड़े स्थल का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की पड़ताल की जाती है इसके लिए महंगी सर्कल वाली एरिया के बैनामों को विशेष तौर पर चिन्हित किया जाता है, जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह की तरफ से 7 माह में 30 बैनामे की भौतिक स्थिति जांची गई, इसमें 10 प्रकरण ऐसे मिले जिसमें 23 लाख 14 हजार की स्टांप कमी पाई गई, एडीएम की तरफ से 168 बैनामे की जांच की गई, जिसमें 44 मामलों में 42. 37 लाख की स्टांप चोरी पकड़ी गई।
एडीएम वित्त एवं राजस्व वागीश शुक्ला ने बताया कि प्रत्येक महीने में जमीनों की स्थलीय निरीक्षण किया जाता है, इसमें बैनामे की स्थिति जांची जाती है, जहां कहीं स्टाफ की कमी मिलती है, वहां उसको लेकर वाद दर्ज किया जाता है, सुनवाई के दौरान स्टांप चोरी पकड़े जाने पर खरीददार को जुर्माना अदा करना पड़ता है, बेहतर होगा कि लोग अपनी जमीन खरीदते वक्त किसी तरह का तथ्य ना छुपाए ताकि उनके सामने जुर्माना अदा करने की नौबत ना आए।
