नई दिल्ली: स्वयं द्वारा सीआईआई और युनेस्को के साथ साझेदारी में आयोजित नेशनल समिट ऑन एक्सेसिबिलिटी 2025 ने भारत में समावेशी विकास के अगले चरण का मार्ग प्रशस्त किया है. 6 नवम्बर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन में नीति निर्माता, नियोजक, तकनीकज्ञ, एवं सुगम्यता विशेषज्ञ इकट्ठा हुए, उन्होंने खेल, पर्यटन, गतिशीलता एवं डिजिटल प्रणाली में समावेशी ढांचे के लिए एकीकृत राष्ट्रीय दृष्टिकोण पेश किया.
स्वागत सम्बोधन देते हुए मिस स्मिनु जिंदल, संस्थापक एवं चेयरपर्सन, स्वयं ने कहा, ‘‘एक अनुमान के अनुसार कारोबारों में सुगम्यता की कमी के चलते भारत को जीडीपी में 1 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान होता है, जिससे स्पष्ट है कि सुगम्यता केवल सामाजिक ज़िम्मेदारी ही नहीं बल्कि देश के लिए आर्थिक अनिवार्यता भी है. ऐसे में ये सम्मेलन आज के दौर में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है.” नीतिगत हस्तक्षेपों एवं प्रणाली में सुधार के द्वारा सुगम्यता को बढ़ावा देकर भारत के जीडीपी एवं उत्पादकता को नई गति दी जा सकती है.
स्वयं में हमारे लिए खुशी की बात है कि हम इस सम्मेलन के माध्यम से अधिक समावेशी भारत को आकार दे रहे हैं. पहले सम्मेलन को सम्बोधित करने वाले गणमान्य दिग्गजों में शामिल थे- वाईस एडमिरल कृष्णा स्वामिनाथन, एवीएसएम, वीएसएम; श्री टिम कर्टिस, डायरेक्टर, युनेस्को, रीजनल ऑफिस फॉर साउथ एशिया और श्री शोंबी शार्प, यूएन रेजीडेन्ट कोऑर्डीनेटर इन इंडिया- जिन्होंने सामुहिक रूप से सुगम्यता को आर्थिक एवं सामाजिक प्राथमिकता बनाने के लिए अधिक सशक्त संस्थागत तालमेल का आह्वान किया.
इस अवसर पर बात करते हुए श्री शोम्बी शार्प, यूएन रेज़ीडेन्ट कोऑर्डिनेटर इन इंडिया ने कहा, ‘‘आज दुनिया भर में हर छह में से एक व्यक्ति अपंगता का शिकार है- यानि कुल 1.3 बिलियन लोग दिव्यांग हैं. इतना ही नहीं इनमें से 80 फीसदी दिव्यांग विकासशील देशों में रहते हैं. ये आंकड़े एक सच्चाई को उजागर करते हैंः दिव्यांगता को मनुष्य का स्वाभाविक हिस्सा माना जाना चाहिए. खेल जगत में इंटरनेशनल चार्टर ऑफ फिज़िकल एजुकेशन, फिज़िकल एक्टिविटी एंड स्पोर्ट (2015 में युनेस्को द्वारा संशोधित) ने फिजिकल शिक्षा, खेल एवं फिजिकल गतिविधि को सभी का मूल अधिकार घोषित किया. जब हम सुगम्य खेल सुविधाओं, समावेशी पर्यटन गंतव्यों एवं सार्वभौमिक रूप से डिज़ाइन की गई हेरिटेज साइट्स बनाते हैं, तब हम एक शक्तिशाली संदेश देते हैंः सभी देशों का स्वागत है.’
पहली पैनल चर्चा का विषय था ‘एक्सेसिबल गेम्स ब्लूप्रिन्टः ए क्रॉस-सेक्टोरल प्लानिंग डायलॉग’ . जिसमें बताया गया कि कैसे भारत हर एथलीट को सशक्त बनाने और हर दर्शक को लुभाने के लिए भावी स्पेस बना सकता है, इसके लिए स्टेडियमों, खेल सुविधाओं, सार्वजनिक स्थलों एवं इमारतों को न सिर्फ आधुनिक बल्कि सुगम्य बनाने की भी ज़रूरत है. संचालक श्री आयोन सेनगुप्ता, एडीटर, स्पोर्ट्सस्टार द्वारा संचालित इस सत्र में श्री आई आर वाला, सचिव, गुजरात खेल प्राधिकरण, डॉ विनील कृष्णा, आईएएस, संयुक्त सचिव, खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय, मिस एकता भयन, पैरा एथलीट और श्री मनीष गुलाटी, आर्कीटेक्ट, एमओएफए ने हिस्सा लिया.
