ओबरा/सोनभद्र. @सौरभ गोस्वामी…..
__पहले दिन बिजली निजीकरण का हुआ विरोध

नगर के सेक्टर 8 स्थित ऑडिटोरियम हॉल में उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के 51वें महासम्मेलन की कार्यवाही संघ के अध्यक्ष जवाहरलाल विश्वकर्मा द्वारा गुरुवार को झंडा उत्तोलन के द्वारा प्रारंभ की गयी। सम्मेलन की कार्यवाही गठित अध्यक्ष मंडल के सदस्य कामरेड जवाहरलाल विश्वकर्मा, का. केसर सिंह रावत, का. वी के अवस्थी, का. राम कृपाल यादव की अध्यक्षता में की गई।
सर्वप्रथम सम्मेलन का उद्घाटन अखिल भारतीय विद्युत कामगार महासंघ के महामंत्री का. मोहन शर्मा द्वारा किया गया।इस दौरान उन्होंने अंतराष्ट्रीय राष्ट्रीय एवं प्रदेश में कार्यरत तमाम कामगारों की समस्याओं पर विस्तार में चर्चा किया। विशेष तौर पर देश में ऊर्जा उद्योग में किए जा रहे निजीकरण पर संपूर्णता से चर्चा किया। वही विद्युत सुधार बिल 2025 इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल में हो रहे किसनो, मजदूरों, कर्मचारीयों एवं आम उपभोक्ताओं को भविष्य में होने वाले नुकसान पर चर्चा किया।
कहा कि भारत सरकार द्वारा बिल पास करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया तो 30 जनवरी 2026 को दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर देश के समस्त कामगारों द्वारा जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि सरकार इसको रोकने पर विचार करे। सम्मेलन में लगभग 300 प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग़ किया।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश ट्रेड यूनियन कांग्रेस अध्यक्ष के का. बी के सिंह, महामंत्री का. चंद्रशेखर,सीपीआई के राज्य सचिव का अरविंद राज स्वरूप, झारखंड के बैजनाथ सिंह, राजस्थान बिजली बोर्ड के नेता केशव व्यास, का के डी द्विवेदी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक आर. के अग्रवाल,जीएम एस. एन मिश्रा,जीएम एस.के सिंगला, प्रांतीय कार्यवाहक अध्यक्ष अजय कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।