रेणुकूट/सोनभद्र. @अमिताभ मिश्रा….

थाना पिपरी व साइबर क्राइम थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने क्यू आर कोड स्कैनिंग के माध्यम से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन और दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। रेणुकूट निवासी अजय कुमार पुत्र संकठा प्रसाद चौरसिया ने थाना पिपरी में तहरीर दी थी कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी दुकान पर लगे क्यू आर कोड को स्कैन कर 5 हजार 200 रूपये की धोखाधड़ी की।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने किसी अन्य स्थान पर यह कोड भेजकर फर्जी तरीके से पैसे मंगवाए और फिर कैश लेकर फरार हो गए। इस पर थाना पिपरी में अजय कुमार की तहरीर पर धारा 318(4), 336(3) BNS व 66D IT Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) और क्षेत्राधिकारी पिपरी के पर्यवेक्षण में पिपरी थाना व साइबर थाना की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपियों को 1 नवम्बर 2025 की रात्रि में मुर्धवा मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आर्यन सिंह व अंगद सिंह, पुत्र सुधीर सिंह, निवासी रेमंड शॉप के पीछे, रेनूकूट थाना पिपरी जनपद सोनभद्र; स्थायी पता – गहमर, गाजीपुर (उम्र करीब 20 वर्ष), मो. आरिफ, पुत्र अफरोज अहमद, निवासी अकबरपुर, जिला रोहतास (बिहार); हालपता – जैन कॉम्प्लेक्स के पीछे वार्ड नंबर 3, सेकंड प्लांट N2332, रेनूकूट थाना पिपरी सोनभद्र (उम्र करीब 24 वर्ष) व मो. तौहीद वारसी, पुत्र नजीर अहमद, निवासी सनौल थाना सुहवल जिला गाजीपुर; हालपता – जैन कॉम्प्लेक्स के पीछे वार्ड नंबर 3, रेनूकूट थाना पिपरी सोनभद्र (उम्र करीब 22 वर्ष) शामिल हैं l
पुलिस के अनुसार ये चारों अभियुक्त लखनऊ के गोयल इंस्टिट्यूट और महर्षि यूनिवर्सिटी से बी.बी.ए. व डेटा एनालिसिस का कोर्स कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ-साथ ये लोग ऑनलाइन ठगी में सक्रिय थे। यह गिरोह जनसेवा केंद्रों व वित्तीय संस्थानों से संपर्क कर उनका क्यू आर कोड हासिल कर लेता था और उन्हीं कोड का उपयोग कर फर्जी ट्रांजेक्शन के माध्यम से पैसे मंगवाता था।
बाद में यह लोग ठगी की रकम से कमीशन के रूप में हिस्सा लेते थे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह कार्रवाई पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्यशैली का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिले में साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान क्यू आर कोड या लिंक को स्कैन न करें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर देंl