@जे0के0/सोनभद्र…….
__₹80 हजार शिक्षक की सैलरी और दो स्कूल का चार्ज, बच्चों को नहीं आ रही है A. B. C. D
__जनपद के दुरूह क्षेत्र के विद्यालयों की बात तो छोड़िए स्टेट हाईवे पर स्थित इंग्लिश मीडियम का हाल है बदहाल

SONBHADRA । जब रास्ते से जा रहे जिलाधिकारी अचानक स्कूल पर छात्रों के बीच पहुंचे…. आज जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ओबरा तहसील दिवस में जा रहे थे कि रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के पटवध इंग्लिश मीडियम स्कूल पर अचानक ही धमक पड़े…उनके पहुंचते ही स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया, अचानक से डीएम की गाड़ी स्कूल पर कैसे आ गई वहां मौजूद शिक्षक और बच्चे यही सोच रहे थे।

दरअसल जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज से डीएम का काफिला ओबरा तहसील दिवस के लिए जा रहा था तभी जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह की नजर पटवध इंग्लिश मीडियम स्कूल पर पड़ी, जहां उन्होंने गाड़ी को रोकवा दिया और स्कूल के अंदर जा पहुंचे.. उस समय मिड डे मील की तैयारी चल रही थी बच्चे क्लास में पढ़ा रहे थे.. पहले तो जिलाधिकारी ने रसोईया से मिड डे मील का हाल पूछा उसके बाद कक्ष की ओर चल पड़े।

जिलाधिकारी ने इंग्लिश मीडियम के प्राइमरी स्कूल कक्षा एक के बच्चों से शिक्षा की गुणवत्ता की हकीकत जानने का प्रयास किया तो बच्चों से इंग्लिश की एबीसीडी बोलने के लिए कहा, जिलाधिकारी के इतना कहते ही बच्चे एक दूसरे का मुंह देख रहे थे और प्राइमरी स्कूल में प्राइमरी जानकारी नहीं बता पाए, तब उन्होंने दूसरे बच्चे से पूछा उसने भी ठीक-ठाक जवाब नहीं दिया।

जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने वहां पर उपस्थित एक शिक्षक से पूछा कि आप बच्चों को क्या पढ़ाते हैं कि वह एबीसीडी यानी इंग्लिश की प्राइमरी जानकारी भी नहीं बता पा रहे हैं, आपकी तनख्वाह कितनी है? तो चेहरे पर मुस्कान लिए शिक्षक ने बताया कि ₹80 हजार साहब मिलता है । तब डीएम ने पूछा कि आपके जिम्मे कितने विद्यालय हैं तो जवाब मिलता है दो विद्यालय चार्ज में है।
डीएम शिक्षा गुणवत्ता को देखते हुए सख्त नाराज हुए और अधिकारियों को सही से नौकरी करने की सलाह दे डाली.. शायद यही हाल है कि आम जनमानस सरकारी विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ने से बच रहा है आर्थिक हालात मजबूत हुए तो वह परिवार कभी भी सरकारी विद्यालय में अपने बच्चों को पढ़ने नहीं भेजते हैं।
