डाला/सोनभद्र. @गुड्डू तिवारी…..

नगर पंचायत क्षेत्र के सेक्टर सी स्थिति दूर्गा मंदिर परिसर में गुरुवार को आंवला नवमी पर महिलाओं ने आंवले के पेड़ की पूजा कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर, महिलाओं ने आंवले के वृक्ष के चारों ओर परिक्रमा की सूत का धागा लपेटा और वृक्ष के नीचे बैठकर भोज भी किया।
कार्तिक मास की नवमी तिथि को मान्यता अनुसार आंवला वृक्ष की पूजा व आवंला के नीचे बैठकर भोजन करना बड़ा ही शुभ माना जाता है अक्षय नवमी पर जगह-जगह नगर क्षेत्र समेत आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में आंवला वृक्ष की विधि-विधान से महिलाओं ने पूजन अर्चन किया कुछ लोगों ने आवंला के नीचे भोजन बनाकर प्रसाद ग्रहण किया तो कुछ लोग अपने घरों से पकवान लेकर आवंला वृक्ष के नीचे पहुंचे जंहा भोग लगाकर वंही भोजन किया।
पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी ने आंवले के वृक्ष की पूजा की थी इसलिए इसे विष्णु और लक्ष्मी का प्रिय वृक्ष माना जाता है। इस दिन किए गए पुण्य कर्मों का क्षय नहीं होता, बल्कि उसका अक्षय फल मिलता है। इस पूजा से परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस दौरान दूर्गा मंदिर के पूजारी संजय मिश्रा,रविन्द्र देव पांडेय,संगीता पांडेय,पुष्पा तिवारी,बिंदु शुक्ला आदि मौजूद रहे।