करमा/सोनभद्र. @रामकेश यादव…..

विकासखंड करमा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांवों के करही, कसयां,करकी, पापी ,भगवती, दिलाही, बहेरा, भदोही खराही अ तरवा, पिपरा, भरुआ ,जरेणुआ, सहित अन्य गांव के किसानों ने जो भी धान,मिर्च, टमाटर, सरसों ,की खेती किए थे। जिसमें पिछले कई दिनों से हो रही आधी के झोंके बारिश से फसलों को भारी क्षति पहुंची है। जिससे किसान चिंतित नजर आ रहे हैं ।
बता दें कि पिछले कई दिनों से विकासखंड करमा क्षेत्र अंतर्गत आने वाले गांवों केकरा ही ,सिरसिया, पिपरा,बकाही, ऐलाही, खाराही, भदोही, पापी, भगवती, कसया,कसया खुर्द, भरुआ, दिलाही, बहेरा, जरेनुआ, दर्जनों गांव के किसानों ने फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए मिर्च की खेती एवं धान की खेती किए थे ।
जो अब लगभग धान की खेती तो तैयार होने को है कहीं-कहीं अगेती धान की कटनी भी शुरू हो गई। है बारिश ने उसको भारी छती पहुंचाई है। बारिश से सभी फसले जमीन में अंदर दव गई हैं ।और मिर्च और सरसों के पौधे भी मिट्टी में दब गए हैं जिससे किसान चारों तरफ से परेशानियों से गिर गया है।
बारिश के प्रभाव से किसान भारी चिंतित नजर आ रहे हैं।किसान राम लखन, राम जी , यादवेंद्र प्रताप राव, ब्रह्मानंद सिंह, अवधेश यादव, मुहम्मद शाहिद, मिनहाज अहमद,सहित अन्य किसानों ने किसानों ने बताया कि इस भारी बारिश एवं आंधी से चारों तरफ से किसानों को चाहे धान की फसल के किसान हो चाहे मिर्च, टमाटर सरसों की खेती करने वाले किसान हो सभी को नुकसान पहुंचा है।
जिसकी भरपाई करना नामुमकिन समझ में आ रहा है अभी भी बारिश नहीं रुकी तो आगे और भारी छती पहुंच सकती है इस प्रकृति के प्रकोप को किसान कैसे झेल पाएंगे समझ के प रे हैं।