करमा/सोनभद्र. @रामकेश यादव…..

आस्था का महापर्व छठ पूजा भास्कर के उदया चल होते हुए सरोवरों में रात्रि से खड़ी ब्रती महिलाओं ने जल,दीप प्रज्ज्वलित से पूजन अर्चन कर व्रत को समाप्त किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय विकास खण्ड स्थित हर गावों में हर्षोल्लास आस्था का महापर्व छठ पूजा अर्चना कर सामाजिक एकता के प्रतीक के रूप में सूर्य षष्ठी का पर्व को श्रद्धा, भक्ति और परंपरा के साथ उत्साह पूर्वक धूमधाम से व्रत को समाप्त किया गया। इंद्र देव की बृष्टी व पवन देव का बेग भी आस्थाओं व भक्ति को नहीं डीगा सका।दीपक रात भर जलता रहा ।
महिलाएं जल में खड़े होकर सुख- समृद्धि तथा मंगल कल्याण के लिए उदया चल भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए रात भर सूर्य देव की जल में खड़ा होकर प्रार्थना करती रही। जैसे ही मंगलवार को सुबह सूर्योदय हुआ ब्रती महिलाओ के परिजन नए वस्त्र पहने हुए तालाब में नहाने के बाद साथ मिलकर पूजन अर्चन किया इस दौरान छठ घाटों पर भारी भीड़ रही। समूचा वातावरण भक्तिमय और रमणीय सा नजर आ रहा था।

छठ मईया के गीत से पूजा स्थल रात भर गुलजार रहा। बता दें कसया,केकराही,करकी, भगौति, खैराही,करमा, असना, मदैनिया आदि विभिन्न क्षेत्रों में घाट पर पहुंच ब्रती महिलाएं पानी में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अपने-अपने वेदी पर ईख का मंडप बनाकर उसके मध्य देशी घी के जलते दीप को रखा।
उगते सूर्य का इंतजार कर ब्रती महिलाएं रात भर घाटों के किनारे पूजा स्थल डटी रही। सुबह सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ब्रत का समापन की।
