चोपन/सोनभद्र. @कृपा शंकर पांडेय….

छठ महापर्व का दूसरा दिन ‘खरना’ आज देशभर में मनाया जा रहा है। इस दिन से 36 घंटे के निर्जला व्रत की शुरुआत होती है, जिसमें व्रती महिलाएं सूर्य देव और छठी मैया की उपासना करती हैं।खरना के दिन व्रती महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। सूर्यास्त के बाद गुड़-चावल की खीर, रोटी और फल का प्रसाद छठी मैया को अर्पित कर उपवास तोड़ा जाता है।
यह प्रसाद बाद में ग्रहण किया जाता है।मान्यता है कि खरना के दिन की गई भक्ति से प्रसन्न होकर सूर्य देव और छठी मैया व्रतियों को सुख, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यह दिन छठ पूजा के कठिन अनुष्ठान की वास्तविक शुरुआत का प्रतीक है।सोनभद्र जिले का चोपन छठ घाट विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। यह जिला बिहार और झारखंड सहित चार राज्यों से घिरा है।

प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।सूर्यास्त के बाद व्रती महिलाएं उपवास तोड़कर गुड़ की खीर और पूरी का प्रसाद ग्रहण करती हैं। यह प्रसाद बाद में परिवार और समाज के सदस्यों में वितरित किया जाता है, जो इस पर्व की सामुहिक भावना को दर्शाता है।
छठ पूजा में नारियल चढ़ाने से भक्त की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नारियल शुद्धता और समर्पण का प्रतीक है, इसलिए इसे सूप और टोकरी में जरूर शामिल करना चाहिए। वही ग्राम पंचायत सिंन्दुरिया के रेणुका नदी पूल के पास पुरे ग्रामीणों के साथ बड़े ही धूमधाम से छठ महापर्व मनाया जाता है ।जिसमें पूर्व ग्राम प्रधान रामनारायण पाडेय, प्रधान राम नगीना,राजेंद्र कुमार,मनीष कुमार,बब्बू पांडेय,अन्य ग्रामीण,श्रद्धालु,मौजूद रहे ।
