ओबरा/सोनभद्र (सौरभ गोस्वामी)…..

सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते के साथ शारदीय नवरात्रि आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि सोमवार से प्रारंभ हो गयी।इस दौरान नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा पूरे विधि विधान से की गई। वही नवरात्रि को लेकर लोगों में भक्ति के साथ काफी उत्साह भी दिखाई दिया।
नगर के प्रमुख मंदिर श्री राम मंदिर, हनुमान मंदिर, संकट मोचन मंदिर, कर्णेश्वर महादेव मंदिर, मां शीतला माता मंदिर, मां शारदा मंदिर आदि समस्त मंदिरों में स्थापित मां की प्रतिमा का श्रद्धालुओं द्वारा पूरे विधि विधान के साथ नारियल चुनरी पुष्प धूप आदि सामग्रियों को चढाकर पूजन अर्चन किया गया। दूसरी और श्रद्धालुओं द्वारा दैविक मंत्रोच्चार संग मंदिरों अथवा अपने-अपने घरों में कलश की स्थापना भी पूरे श्रद्धा के साथ की गयी। मान्यता है कि जब नवरात्रि का प्रारंभ सोमवार से होता है, तो देवी दुर्गा का आगमन हाथी पर होता है। इसे अत्यंत मंगलकारी माना गया है।
क्योंकि यह सुख-समृद्धि, राष्ट्र में उन्नति और कल्याण का प्रतीक है। वहीं नवरात्रि का प्रत्येक दिन मां दुर्गा के अलग-अलग दिव्य स्वरूपों की उपासना को समर्पित होता है।शास्त्रों के अनुसार शारदीय नवरात्रि में सच्चे मन से की गई आराधना का फल व्यक्ति को अवश्य मिलता है और सभी मनोकामनाएं भी पूर्ण होती हैं।