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Lucknow News: करोड़ों रुपए कमाने के लालच में यश ने ‘फ्री फायर’ नामक मोबाइल गेम खेलते हुए अपने पिता के खाते से 13 लाख रुपए गंवा दिए थे. जब पिता ने इस बात पर डांटा और समझाया की कोशिश की. इस बात से नाराज होकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया.

इकलौता बेटा था यश
यश यादव, किसान सुरेश कुमार यादव का इकलौता बेटा था और एक प्राइवेट स्कूल में 6 में कक्षा का छात्र था. वह अक्सर अपने पिता के मोबाइल पर ऑनलाइन गेम ‘फ्री फायर’ खेला करता था. गेम में इनाम जीतने और करोड़पति बनने के लालच में यश ने धीरे-धीरे पिता के खाते से 13 लाख रुपए गेम में खर्च कर दिए. इस बात की जानकारी किसान सुरेश को तब चली, जब वो बैंक से पैसे निकलाने के लिए पहुंचे.
दरअसल, किसन सुरेश कुमार यादव सोमवार को बैंक में पैसे निकालने पहुंचे, तो उन्हें अपने बैंक अकाउंट में रकम नहीं मिली. बैंक स्टेटमेंट चेक करने पर यह खुलासा हुआ कि सारे पैसे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में खर्च हुए हैं और यह सब उनके मोबाइल से ही हुआ है. बता दें, 2 साल पहले किसान सुरेश ने अपनी कुछ जमीन बेचकर 13 लाख रुपए बैंक जमा किए थे. लेकिन, जब वह बैंक पहुंचे और बैलेंस देखा तो उनके होश उड़ गए.
डांट के बाद बेटे ने उठाया आत्मघाती कदम
घर लौटने पर सुरेश ने जब यश को डांटा, तो वह चुपचाप ऊपर कमरे में चला गया. काफी देर तक बाहर न निकलने पर जब परिजन कमरे में पहुंचे, तो यश को फंदे से लटका पाया. आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस जांच में जुटी, परिवार सदमे में
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. यश के परिवार में मां विमला और एक छोटी बहन गुनगुन हैं. इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. रोते हुए पिता सुरेश ने बताया कि उन्होंने बेटे को समझाया था, लेकिन उन्हें ऐसा अंदाजा नहीं था कि वो ऐसा कुछ कर लेगा.

राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा…और पढ़ें
राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा… और पढ़ें

