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अलीगढ़ ताले और तालीम के लिए भले ही मशहूर हो, लेकिन यहां का इत्र कारोबार भी अब लोगों के बीच खास पहचान बना रहा है. दोदपुर इलाके की दारुल किताब नामक दुकान पर सऊदी और दुबई से लेकर देशी-विदेशी ब्रांड्स तक के इत्र की शानदार वैराइटी मौजूद है. 100 रुपये से लेकर 1 लाख तक की कीमत वाले ये इत्र अपनी लंबी टिकने वाली खुशबू और शाही एहसास के कारण ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं.

कई लोगों को परफ्यूम लगाने का बहुत शौक होता है. इससे एक तरफ जहां उन्हें ताजगी महसूस होती है. वहीं वो इसकी महक से दूसरों को भी आकर्षित करते हैं. ज्यादातर लोग लॉन्ग लास्टिंग परफ्यूम को पसंद करते हैं. आप भी खुशबू लगाने के शौकीन हैं तो आपको बता दें कि अलीगढ़ में एक ऐसी दुकान है जो अपने इत्र के कारोबार के लिए प्रसिद्ध है. इस दुकान का नाम अपने आप में एक ऐतिहासिक धरोहर है. अलीगढ़ के दोदपुर इलाके मे स्थित दारुल किताब नाम की इस दुकान पर सऊदी और दुबई के बेशुमार इत्र का कलेक्शन मौजूद है. जो लोगों को आते हैँ बेहद पसंद.

यहां 100 रूपए से लेकर 1 लाख तक के इत्र मिलेंगे. दुकान मालिक फेजान खान बताते हैं कि अपने यहां खास बात यह है कि एक तो यहां इंपोर्ट सेक्शन में सऊदी और दुबई की बहुत सारी वैराइटीज आती हैं. जिसमें रासासी, रताफा, हरमेन, अरबीयन जैसे ब्रांड के इत्र मौजूद है. यह ऐसे ब्रांड के इत्र हैं जो बहुत हाई लेवल के वर्ल्ड मे इत्र माने जाते हैं.

इत्र बेचने वाले दुकानदार फेजान खान ने बताया कि यहां सारी तरीके की वैराइटीज हमारे यहां अवेलेबल है. साथ ही आपको बता दें कि यहां के लोगों का जो मिजाज हैं उन्हें अरबिक थीम पसंद आती है. जो सिर्फ इम्पोट खुशबू मे ही मिलेगी जो सिर्फ हमारे यहां मिलती है. सबसे बड़ी बात यह है कि यह हमारे यहां बजट में मिल जाती है और इस समय हमारे पास 50 से ज्यादा सऊदी और दुबई के अलावा कई विदेशी इत्र की वैराइटीज मौजूद हैँ.

फेजान बताते हैँ यहाँ जो इंडियन और लोकल कस्टमर आते हैं उनका ज्यादातर ठंडी खुशबू जैसे कि फ्लोरल टच पसंद करते है और कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हे अरबिक थीम चाहिए. यानी की उत बेस खुशबू चाहिए तो इंपोर्ट सेक्शन में मिलती है जो हमारे यहां अवेलेबल है. हमारे यहां इंडियन ब्रांड के अलावा सऊदी और दुबई के ब्रांड के विशेष इत्र रखे जाते हैं. जिसकी लोगों में अक्सर डिमांड रहती है. प्राइस की बात करें तो इत्र में 8 एमएल का 70-100 रूपये से स्टार्ट है तो वहीं विदेशी इत्र की प्राइज़ 400 से लेकर एक लाख रूपए तक है.

अरबी इत्र की खासियत यह है कि इनमें एक रहस्यमयी गहराई और लंबे समय तक टिकने वाली महक होती है. यही वजह है कि इनकी डिमांड हर मौसम में बनी रहती है. फैजान बताते हैं कि अलीगढ़ के लोग न सिर्फ खुद के लिए बल्कि गिफ्टिंग के लिए भी विदेशी इत्र की खरीदारी करते हैं. शादी-ब्याह, खास मौकों और धार्मिक त्योहारों पर यहां से इत्र की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है. खास कर इन विदेशी इत्र की.

उत्तर प्रदेश का जनपद अलीगढ़ शहर वैसे तो ताले और तालीम की नगरी के नाम से दुनिया भर में मशहूर है. लेकिन इत्र का कारोबार भी यहां धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बना रहा है. दारुल किताब जैसी दुकानें न सिर्फ शहर में बल्कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गई हैं. यहां की महक लोगों के दिलों में उतर जाती है और यही वजह है कि एक बार आने वाला ग्राहक बार-बार लौटकर आता है.

दुकानदार फेजान का कहना है कि गल्फ कंट्री के इत्र अपनी गहरी, शानदार और लंबे समय तक टिकने वाली खुशबू के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं. इनकी खासियत है कि इनमें प्राकृतिक ऊद, अंबर, केसर, गुलाब और मस्क जैसे दुर्लभ और कीमती तत्व इस्तेमाल किए जाते हैं. यही वजह है कि इनकी महक रॉयल और परफेक्ट मानी जाती है. दुबई और सऊदी अरब के इत्र सिर्फ़ खुशबू नहीं, बल्कि शान और शख्सियत का प्रतीक समझे जाते हैं. इन्हें लगाने से इंसान भीड़ में अलग नज़र आता है और ताजगी के साथ एक रॉयल अहसास महसूस करता है. यही वजह है कि गल्फ कंट्री के इत्र हर तबके में पसंद किए जाते हैं.

