करमा/सोनभद्र (रामकेश यादव)…..
__नित नए हथकंडे से साइबर ठगी के शिकार हो रहे लोग

करमा थाना क्षेत्र के बारी महेवा में आंगनबाड़ी के नाम से फोन करके बताया गया कि किशोरियों, प्रसूताओं का केवाईसी होना है ।जिसमें केवाईसी के लिए ओ टी पी पूछी जा रही है। जिसमें भूक्त भोगी से आंगनबाड़ी बनकर ओटीपी खाता संख्या पूछ ली गई जिससे खातेदार से वारी वारी से तीन बार में ,99हजार रुपए उड़ा लिए गए यदि यदि था अच्छे से सोच समझ कर होशियारी बरती जाती तो भुक्तभोगी का 99 हजार का रुपया शिकार नहीं होता।
इस संदर्भ में सीडीपीओ विनोद कुमार ने बताया कि यहां ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा ओटीपी के नाम से पैसे का लेनदेन किया जा सके यह तो निशुल्क एफ आर एस होता है आदिवासी जानकारी सामने आ रही है तो जांच होगी तत्पश्चात कार्रवाई की जाएगी।।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बारी महेवा में दोनों आंगनबाड़ी द्वारा कार्य कर रही कार्य करती हूं ने किशोरियों प्रसुताओं सहित अन्य को मिलने वाली खाद्य सामग्री के नाम पर सिराज अहमद सेकेवाईसी के लिए पूछा गया कि आप आंगनबाड़ी केंद्र जिले से बोल रहे हैं आप अपना सारा डिटेल खाता संख्या पूछा जाए तो सही-सही केवाईसी के लिए बता दीजिएगा जिससे आपके खाते का केवाईसी कर जनरेट हो सके या फ्रॉड व्यक्ति ने सिराज से सारी जानकारी लेते हुए खाते से बारी-बारी से 99 हजार रुपए उड़ा दिया ।
जब सिराज अहमद के खाते से 99 हजार रुपए कट गए तो उनके पैर तले से जमीन खिसक गई और तत्काल कर्म थाने में जाकर तहरीर दिए और ऑनलाइन 1030 पर शिकायत दर्ज कराई गई अब आगे कार्रवाई में क्या होता है गायब सिराज अहमद के पैसे मिल पाते हैं अथवा नहीं यह तो भविष्य में है इस बारे में जब सीडीपीओ मुकेश कुमार पूछा गया तो उन्होंने बताया कि केवाईसी करने के लिए कोई पैसा और ओटीपी की आवश्यकता नहीं पड़ती है या तो या फिर यस होता है जो निशुल्क होता है यदि ऐसा हुआ होगा तो जांच होगी और तुरंत मुक्त भोगी के ऊपर कारवाई की जाएगी।