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Durga Idol : नवरात्रि के साथ दुर्गा पूजा शुरू हो जाएगी. उत्तर भारत में इसे जोरदार ढंग से मनाते हैं. कारीगर मूर्ति निर्माण में महीनों पहले से जुट जाते हैं और कुछ भी भूल जाएं लेकिन तवायफ के कोठों की मिट्टी मिलाना नहीं भूलते.
पीढ़ियों पुरानी परंपरा
जौनपुर में नवरात्रि के दौरान सैकड़ों जगहों पर दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना होती है. मंदिरों और पंडालों में सजने वाली प्रतिमाओं का आकर्षण देखने लायक होता है. मां दुर्गा की आंखों की रेखाएं खींचने से लेकर उनकी हथियारों की सजावट तक, सब कुछ बड़ी बारीकी से किया जाता है. मूर्ति निर्माण की इस लंबी प्रक्रिया में मिट्टी का चयन सबसे अहम चरण माना जाता है. यही कारण है कि ‘पुन्य माटी’ की परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा से निभाई जाती है.
जौनपुर शहर के वरिष्ठ मूर्तिकार बताते हैं, “हमारे गुरु कहा करते थे कि मां दुर्गा की मूर्ति बनाने के लिए मिट्टी केवल खेत या नदी की नहीं ली जाती, बल्कि उसमें वह आस्था भी मिलाई जाती है, जो समाज के हर तबके से आती है. तवायफ की कोठी की मिट्टी इसलिए जरूरी है क्योंकि वहां से भी मनुष्य की भावनाएं, इच्छाएं और जीवन के रंग जुड़े हैं. मां दुर्गा सबकी रक्षा करने वाली हैं.” जौनपुर की गलियों से लेकर बड़े-बड़े दुर्गा पंडालों तक, हर जगह इसकी छाप देखने को मिलती है.

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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