• Home
  • Privacy Policy
Saturday, June 20, 2026
Sonebhadra Live
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • जीवन मन्त्र
  • जुर्म
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र
No Result
View All Result
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • जीवन मन्त्र
  • जुर्म
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

हिंदी सिनेमा का वो चमकता सितारा, संगीत की धुनों से बुनी जिंदगी, बैले डांस के कहलाए बादशाह

Admin by Admin
September 13, 2025
in मनोरंजन
0
हिंदी सिनेमा का वो चमकता सितारा, संगीत की धुनों से बुनी जिंदगी, बैले डांस के कहलाए बादशाह
0
SHARES
1
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter


नई दिल्ली: रामकृष्ण शिंदे कला की दुनिया का ऐसा नाम है जो पर्दे के पीछे रहकर भी लाखों दिलों में अपनी धुनों के जरिए गूंजता रहा. उनकी कहानी सिर्फ एक संगीतकार की नहीं, बल्कि एक ऐसे कलाकार की है, जिसने तमाम संघर्षों के बावजूद अपनी कला को कभी मुरझाने नहीं दिया. 1918 में ‘रामनवमी’ के दिन पश्चिमी महाराष्ट्र के मालवण में एक साधारण मराठा परिवार में जन्मे रामकृष्ण के सिर से बचपन में ही पिता का साया उठ गया और परिवार की जिम्मेदारी उनके मामा और मौसी पर आ गई. वे सब मुंबई के नानाचौक इलाके में रहने आ गए, जहां रामकृष्ण का बचपन मुंबई की गलियों में बीता.

परिवार में संगीत का कोई बैकग्राउंड नहीं था, फिर भी इस बच्चे के मन में सुरों की दुनिया ने घर कर लिया था. उन्होंने घर से छिपकर पंडित सीताराम पंत मोदी से गायन और पंडित माधव कुलकर्णी से सितार की शिक्षा लेनी शुरू की. उन दिनों मेलों और नुमाइशों में होने वाले संगीत कार्यक्रमों में वे अक्सर हिस्सा लेते थे. इन्हीं कार्यक्रमों में एक और उभरती हुई प्रतिभा उनके साथ मंच साझा करती थी, जो बाद में ‘स्वर कोकिला’ के नाम से मशहूर हुईं – लता मंगेशकर.

संगीत को दे दी पूरी जिंदगी
परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए, युवा रामकृष्ण ने मुंबई की परेल स्थित डॉन मिल्स में नौकरी शुरू कर दी. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. उनकी धुनें उन्हें मशीनों के शोर से दूर, सुरों की दुनिया में खींच रही थीं. साल 1944 में उनका विवाह नलिनी से हुआ. इसी दौरान वे तबला वादक रमाकांत पार्सेकर और नृत्य-निर्देशक पार्वती कुमार कांबली के संपर्क में आए. उनके भीतर की कला ने उन्हें यह निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया कि अब वह केवल संगीत के लिए जीएंगे. उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और अपना पूरा जीवन संगीत को समर्पित कर दिया. यह एक बड़ा कदम था, जिसमें जोखिम भी था, लेकिन उनकी कला पर उनका भरोसा चट्टान की तरह मजबूत था.

बैले डांस में दिया अहम योगदान
रामकृष्ण शिंदे का करियर सिर्फ हिन्दी सिनेमा तक ही सीमित नहीं था, बल्कि भारतीय बैले के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय था. “इंडियन नेशनल थिएटर” (आईएनटी) के लिए उन्होंने जो बैले-डांस संगीत तैयार किए, उससे उन्हें प्रसिद्धि मिली. उनका नाम बैले संगीत का पर्याय बन गया था. उन्होंने अपने जीवनकाल में कुल 27 बैले नृत्यों का संगीत संयोजन किया, जिसने उन्हें इस विधा का बेताज बादशाह बना दिया. उनके संगीत में एक खास जादू था, जो नर्तकों की हर भावना को सुरों में पिरो देता था.

फिल्मों को दिया संगीत
उनकी कर्णप्रिय धुनों का जादू जल्द ही फिल्मी दुनिया तक पहुंच गया. उन्हें 1947 में बनी फिल्म ‘मैनेजर’ में संगीत देने का मौका मिला. यह फिल्म ‘तिवारी प्रोडक्शंस’ के बैनर तले बनी थी और इसके निर्देशक आईपी तिवारी थे. इसी फिल्म से उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ. उसी साल उन्हें एक और फिल्म ‘बिहारी’ में भी संगीत देने का अवसर मिला. हालांकि, इस फिल्म में वे अकेले संगीतकार नहीं थे, नरेश भट्टाचार्य भी उनके साथ थे. रामकृष्ण शिंदे ने 1966 में मराठी फिल्म ‘तोचि साधू ओलाखावा’ और 1970 में ‘आई आहे शेतात’ जैसी मराठी फिल्मों में भी संगीत दिया, जिनका निर्माण भी उन्होंने ही किया था. फिल्मों की सफलता से कहीं ज्यादा अहम उनके लिए संगीत की गुणवत्ता थी. उनकी बनाई धुनें आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसती हैं.

कला से दी फिल्मों को खास पहचान
रामकृष्ण शिंदे का नाम भले ही बड़ी कमर्शियल सफलताओं से न जुड़ा हो, लेकिन उनकी कला ने कई फिल्मों को एक विशेष पहचान दी. मैनेजर (1947), बिहारी, किसकी जीत, गौना, खौफनाक जंगल, पुलिस स्टेशन और कैप्टन इंडिया प्रमुख फिल्मों की लिस्ट है, जिसके लिए उन्होंने संगीत तैयार किया. 14 सितंबर 1985 को उनका निधन हो गया. तब तक वे 67 वर्ष की आयु में भी अपनी रचनात्मकता के शिखर पर थे. उस समय वे दो अहम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, जिसमें राजा ढाले के बैले ‘चाण्डालिका’ और दूरदर्शन के लिए अजित सिन्हा के बैले ‘ऋतुचक्र’ शामिल था.



Source link

Previous Post

अगर आप भी करते हैं आलू की सब्जी का सेवन तो जान लें ये जरूरी बात! वरना सेहत को होगा नुकसान

Next Post

क्या डार्क सर्कल ने छीन ली चेहरे की रंगत? मेकअप नहीं…अब आलू से आएगा निखार, जानें कैसे

Next Post
क्या डार्क सर्कल ने छीन ली चेहरे की रंगत? मेकअप नहीं…अब आलू से आएगा निखार, जानें कैसे

क्या डार्क सर्कल ने छीन ली चेहरे की रंगत? मेकअप नहीं...अब आलू से आएगा निखार, जानें कैसे

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

उत्तर प्रदेश

पालतु कत्तों के मालिकों को भी मिलेगा सबक.. यूपी में कुत्तों को आजीवन कारावास के आदेश के बाद दो गुटों बंटी जनता, कुछ ने कहा- कुत्तों के काटने पर लगेगा लगाम

पालतु कत्तों के मालिकों को भी मिलेगा सबक.. यूपी में कुत्तों को आजीवन कारावास के आदेश के बाद दो गुटों बंटी जनता, कुछ ने कहा- कुत्तों के काटने पर लगेगा लगाम

September 16, 2025
रूपईडीहा में डाका डालने की नोटिस से दहशत, पुलिस जांच में जुटी.

रूपईडीहा में डाका डालने की नोटिस से दहशत, पुलिस जांच में जुटी.

September 16, 2025
TET अनिवार्यता पर ढाई लाख शिक्षकों के पक्ष में सीएम योगी ने लिया बड़ा स्टैंड, रिवीजन याचिका दाखिल करने के दिए निर्देश

TET अनिवार्यता पर ढाई लाख शिक्षकों के पक्ष में सीएम योगी ने लिया बड़ा स्टैंड, रिवीजन याचिका दाखिल करने के दिए निर्देश

September 16, 2025
Kaushambi News: लड़की का ‘जानी दुश्मन’ बना सांप, 40 दिनों में 10 बार काटा और फिर अब जो हुआ वो…

Kaushambi News: लड़की का ‘जानी दुश्मन’ बना सांप, 40 दिनों में 10 बार काटा और फिर अब जो हुआ वो…

September 16, 2025
Gardening Tips: घर के गार्डन में लगा दें ये 5 फलदार पौधे, सेहत के लिए रहेंगे फायदेमंद, जानें तरीका – Uttar Pradesh News

Gardening Tips: घर के गार्डन में लगा दें ये 5 फलदार पौधे, सेहत के लिए रहेंगे फायदेमंद, जानें तरीका – Uttar Pradesh News

September 16, 2025
संजीवनी बूटी से कम नहीं है इस पेड़ के पत्ते, पेट संबंधित बीमारियों में बेहद कारगर, तेजी से मिलेगा आराम – Uttar Pradesh News

संजीवनी बूटी से कम नहीं है इस पेड़ के पत्ते, पेट संबंधित बीमारियों में बेहद कारगर, तेजी से मिलेगा आराम – Uttar Pradesh News

September 16, 2025

RECENT POST (अभी -अभी)

  • सोनभद्र. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहुंचे सोनभद्र, विकास योजनाओं और औद्योगिक निवेश पर रहेगा फोकस
  • अनपरा. सड़क, स्ट्रीट लाइट और नाली मरम्मत की मांग को लेकर भाजपा नेता ने PWD विभाग को लिखा पत्र
  • कोटा के नरेंद्र अवस्थी ने कॉमरेड्स मैराथन 2026 में 86 किमी की कठिन दौड़ पूरी कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रचा इतिहास
  • चोट के बाद ‘गोल्डन बॉय’ की दहाड़… दोहा डायमंड लीग में चौथे स्थान पर रहे नीरज चोपड़ा, कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए किया क्वालीफाई
  • सोनभद्र. केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी का जनपद भ्रमण कार्यक्रम आज

Categories

  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र

अभी -अभी

  • सोनभद्र. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहुंचे सोनभद्र, विकास योजनाओं और औद्योगिक निवेश पर रहेगा फोकस
  • अनपरा. सड़क, स्ट्रीट लाइट और नाली मरम्मत की मांग को लेकर भाजपा नेता ने PWD विभाग को लिखा पत्र

उत्तर प्रदेश

पालतु कत्तों के मालिकों को भी मिलेगा सबक.. यूपी में कुत्तों को आजीवन कारावास के आदेश के बाद दो गुटों बंटी जनता, कुछ ने कहा- कुत्तों के काटने पर लगेगा लगाम

पालतु कत्तों के मालिकों को भी मिलेगा सबक.. यूपी में कुत्तों को आजीवन कारावास के आदेश के बाद दो गुटों बंटी जनता, कुछ ने कहा- कुत्तों के काटने पर लगेगा लगाम

September 16, 2025
रूपईडीहा में डाका डालने की नोटिस से दहशत, पुलिस जांच में जुटी.

रूपईडीहा में डाका डालने की नोटिस से दहशत, पुलिस जांच में जुटी.

September 16, 2025
TET अनिवार्यता पर ढाई लाख शिक्षकों के पक्ष में सीएम योगी ने लिया बड़ा स्टैंड, रिवीजन याचिका दाखिल करने के दिए निर्देश

TET अनिवार्यता पर ढाई लाख शिक्षकों के पक्ष में सीएम योगी ने लिया बड़ा स्टैंड, रिवीजन याचिका दाखिल करने के दिए निर्देश

September 16, 2025
  • Home
  • Privacy Policy

© 2025 Sonebhadra Live - Cliker Studio.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • उत्तर प्रदेश
  • करियर
  • क्षेत्रीय
  • खेल
  • जीवन मन्त्र
  • जुर्म
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
  • सिंगरौली
  • सोनभद्र

© 2025 Sonebhadra Live - Cliker Studio.