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Raebareli News: सोलानाइन का अधिक मात्रा में सेवन शरीर में विषाक्तता फैला सकता है. इसके लक्षणों में डायरिया, उल्टी, पेट दर्द, सिरदर्द, कमजोरी और चक्कर आना शामिल हैं. गंभीर मामलों में यह तंत्रिका तंत्र पर भी असर डाल सकता है और जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है.
दरअसल रायबरेली जिले की वरिष्ठ डाइटिशियन अनुपमा सिंह लोकल 18 से बात करते हुए बताती है कि आलू जैसे सब्जियों का राजा कहा जाता है.परंतु जब यह अंकुरित हो जाता है. तो यह हमारी सेहत के लिए फायदे की जगह नुकसान पहुंचाता है. वह बताती हैं कि अंकुरित आलू का सेवन सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है. हल्का अंकुरित आलू सावधानी से खाया जा सकता है, लेकिन यदि उसमें अधिक सोलानाइन विकसित हो गया है, तो उसे फेंकना ही बेहतर है. सेहत को खतरे में डालकर जोखिम उठाना समझदारी नहीं है.
इस वजह से अंकुरित होता है आलू
क्या अंकुरित आलू को खाया जा सकता है?
अनुपमा सिंह बताती हैं कि यदि आलू केवल हल्का अंकुरित है और उस पर हरे धब्बे नहीं हैं, तो उसका उपयोग किया जा सकता है, लेकिन अंकुर और आस-पास का हिस्सा काटकर फेंक देना चाहिए.साथ ही, पकाने से पहले उसे अच्छी तरह छीलकर धोना जरूरी है. लेकिन अगर आलू पर ज्यादा हरे धब्बे हैं, उसमें बदबू आ रही है या वह बहुत नरम हो गया है, तो उसे बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.









