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15 साल की गाथा को ओलंपिक चैंपियन से हार मिली. वर्ल्ड चैंपियनशिप की रिकर्व स्पर्धा मं भारत की पदक की झोली फिर खाली रही.
15 साल की गाथा को ओलंपिक चैंपियन से मिली मात. भारत ने आखिरी बार 2019 में विश्व चैंपियनशिप में रिकर्व वर्ग में पदक जीता था. तब तरुणदीप राय, अतनु दास और प्रवीण जाधव की पुरुष टीम ने डेन बॉश में रजत पदक हासिल किया था. दूसरी बार किसी सीनियर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग ले रही गाथा कोरिया की खिलाड़ी के सामने नहीं टिक पाई. लिम ने तीन परफेक्ट 10 के साथ शुरुआत की. गाथा केवल दो 9 और एक 8 के साथ का जवाब दे सकी, जिससे उन्हें पहला सेट 26-30 से हारना पड़ा.
देश के शीर्ष रिकर्व तीरंदाज ओलंपियन धीरज बोम्मादेवरा का प्रदर्शन भी उतना ही निराशाजनक रहा. वह क्वालीफिकेशन राउंड में खराब प्रदर्शन के बाद धीरज 39वें स्थान पर खिसक गए और टोक्यो ओलंपिक चैंपियन मेटे गाजोज के खिलाफ अपने पहले मुकाबले में हारकर बाहर हो गए.
भारत को एक बार फिर केवल कम्पाउंड वर्ग में ही पदक मिले, जिसमें ऋषभ यादव, प्रथमेश फुगे और अमन सैनी का टीम स्पर्धा में जीता गया ऐतिहासिक स्वर्ण पदक भी शामिल है. यादव ने ज्योति सुरेखा वेन्नम के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा में रजत पदक भी जीता.

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से… और पढ़ें

