संवाददाता@संदीप अग्रहरी…..

मानदेय भुगतान समेत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवकों ने मंगलवार को ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन कर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने खंड विकास अधिकारी दिनेश मिश्रा को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी समस्याओं से को बताया। इस पर खंड विकास अधिकारी ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में ग्राम रोजगार सेवकों ने बताया कि विकास खंड सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि 7 मई से 21 मई तक प्रतिदिन कम से कम 40 परिवारों के आवासों का जनगणना सेल्फ एन्यूमरेशन के तहत 33 बिंदुओं पर स्थलीय सत्यापन किया जाए। कर्मचारियों ने बताया कि यह पूरा कार्य स्मार्टफोन के माध्यम से किया जाना है, जिसके लिए मोबाइल फोन और इंटरनेट डाटा की अनिवार्य आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में उनके पास न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही आर्थिक स्थिति ऐसी है कि वे स्वयं इन व्यवस्थाओं को कर सकें। ग्राम रोजगार सेवकों ने यह भी आरोप लगाया कि मनरेगा से जुड़े कर्मियो जिनमें ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक एवं अन्य कर्मचारी शामिल हैं का पिछले आठ महीनों से मानदेय भुगतान नहीं हुआ है।
इससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि जनगणना 2027 के कार्य को सुचारू रूप से कराने के लिए प्रत्येक कर्मी को एक-एक स्मार्टफोन एवं डाटा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, साथ ही लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
इस मौके पर ग्राम रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार, अजय, नंदलाल, ज्ञानदास, हृदय नारायण यादव, विजय, अमृतलाल, रविन्द्र कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।