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Pilibhit Tiger Reserve : पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) में अब सुरक्षा और निगरानी हाईटेक हो गई है. सीमा पर लगाए गए 360 डिग्री कैमरे नेपाल से लेकर उत्तराखंड तक हर हलचल पर पैनी नजर रख रहे हैं. कंट्रोल रूम में रीयल टा…और पढ़ें
सीमित संसाधनों व स्टाफ के बावजूद भी पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बेहतर ढंग से संरक्षण कार्य किए जा रहे हैं. जिसके परिणामस्वरूप 730 वर्ग किलोमीटर के इस जंगल में बाघों की संख्या 71 के भी अधिक पहुंच गई है. बाघों की बढ़ती संख्या के बीच पर्यटन रोज नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है. लेकिन पीलीभीत टाइगर रिजर्व, उत्तराखंड व पड़ोसी देश नेपाल से सीमा साझा करता है. ऐसे में वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिहाज से यह काफी अधिक संवेदनशील हो जाता है. जिसको लेकर समय समय पर वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की ओर से भी समय समय पर अलर्ट जारी किया जाता है.
वन्यजीव संरक्षण की कवायद को और बेहतर ढंग से करने को लेकर पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन अब निगरानी तंत्र को हाईटेक कर दिया है. पीलीभीत टाइगर रिजर्व के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से 100-140 फीट ऊंचे 8 टावरों पर सोलर एनर्जी ऑपरेटेड 360 कैमरे स्थापित कराए गए हैं. ये कैमरे कई किलोमीटर दूर तक निगरानी करने में सक्षम हैं.
कंट्रोल रूम में दिखता है रीयल टाइम फीड
वहीं इन कैमरों का रीयल टाइम फीड सीधा मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम में दिखाई देता है. ऐसे में पैदल गश्त व मानवीय संसाधनों पर निर्भरता तो कम हुई ही है, वहीं कई मामलों में साक्ष्य संकलन में भी यह कैमरे प्रभावी साबित होते हैं. बीता समय में पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के जंगलों में लगी आग की सूचना भी इन कैमरों के ज़रिए समय रहते मुख्यालय को मिल गई थी जिसे काफ़ी हद तक आग पर क़ाबू पा लिया गया.
लगाए गए 8 सर्विलांस टावर
पूरे मामले पर अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि टाइगर रिज़र्व में सुरक्षा के लिहाज़ से संवेदनशील इलाकों में निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए 8 सर्विलांस टावर स्थापित किए गए हैं. वहीं निगरानी तंत्र को मजबूत करने के अन्य प्रयास भी जारी हैं.
