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Gonda News: गोंडा की महिला किसान माधुरी देवी ने रागी की खेती कर खेती में नई मिसाल पेश की है. कम लागत, कम पानी और औषधीय गुणों वाली यह फसल सेहत के साथ मुनाफा भी देती है. जानिए रागी की खेती कैसे करें और क्या हैं इ…और पढ़ें
क्या है रागी? क्यों हो रही है इसकी खेती?
रागी एक प्रकार का मोटा अनाज है, जो औषधीय गुणों से भरपूर होता है. इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है. माधुरी देवी बताती हैं कि रागी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, यह हड्डियों को मजबूत करता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी है. बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए बेहद पोषक है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. इसके अलावा, रागी से आटा, बिस्किट, दलिया और हेल्दी ड्रिंक्स जैसे कई उत्पाद बनाए जाते हैं, जो बाजार में अच्छी कीमत पर बिकते हैं.
माधुरी देवी ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि रागी की खेती के लिए सबसे जमीन को अच्छी तरह तैयार करना जरूरी होता है. खेत की अच्छी जुताई करके मिट्टी को भुरभुरी बनाया जाता है. इसके बाद बीज की बुवाई की जाती है. अच्छी बात यह है कि रागी को अधिक सिंचाई की जरूरत नहीं होती, यह कम पानी में भी अच्छी तरह उग जाती है. यह फसल 3 से 4 महीने में तैयार हो जाती है. फसल पकने पर कटाई करके छोटे मोती जैसे दाने निकाले जाते हैं, जिनका उपयोग खाद्य उत्पादों में होता है.
कम लागत, ज्यादा मुनाफा
माधुरी देवी कहती हैं कि पहले वह पारंपरिक फसलें उगाती थीं, जिनमें लागत ज्यादा और मुनाफा कम होता था. लेकिन रागी की खेती से उनकी आमदनी में काफी बढ़ोतरी हुई है. यह फसल कम देखभाल में तैयार हो जाती है. इसकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है. किसान इसे सीधे प्रोसेसिंग यूनिट्स को भी बेच सकते हैं, जिससे बिचौलियों की दिक्कत नहीं होती.
महिला किसान ने पेश की मिसाल
माधुरी देवी की पहल दिखाती है कि अगर किसान नई सोच और तकनीक को अपनाएं, तो वे न सिर्फ अच्छी आमदनी कमा सकते हैं, बल्कि समाज और स्वास्थ्य में भी बड़ा योगदान दे सकते हैं. गोंडा की यह महिला किसान आज प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं, खासकर उन किसानों के लिए जो खेती में बदलाव लाने की सोच रहे हैं.

राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा…और पढ़ें
राहुल गोयल सीनियर पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया 16 साल से ज्यादा का अनुभव है. साल 2011 में पत्रकारिता का सफर शुरू किया. नवभारत टाइम्स, वॉयस ऑफ लखनऊ, दैनिक भास्कर, पत्रिका जैसे संस्थानों में काम करने का अनुभव. सा… और पढ़ें
