विशाल भटनागर/ मेरठ: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगातार टैरिफ को लेकर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं. इसी कड़ी में उन्होंने भारत पर अगले चरणों के टैरिफ लगाने की धमकी दी है. इन बातों को देखते हुए लोकल-18 की टीम द्वारा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा में तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं से खास बातचीत की. जिन्होंने ट्रंप के टैरिफ को लेकर खुलकर अपनी राय व्यक्त की.
निजी स्वास्थ्य के लिए कर रहे अमेरिका से खिलवाड़
लोकल -18 की टीम से खास बातचीत करते हुए शौर्य अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह से लगातार ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर टैरिफ लगाया जा रहा है. खास तौर पर भारत पर जो 50% का टैरिफ लगाया है. उसे कहीं ना कहीं निजी स्वार्थ को लेकर ट्रंप अमेरिका के साथ खिलवाड़ करते हुए नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि नोबेल और विश्व नेता बनने के चक्कर में ट्रंप द्वारा टैरिफ रणनीति अपनाई जा रही है. उससे भारत के साथ-साथ अमेरिका को भी नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि भारत में वह सामर्थ है, जो आपदा में अवसर तलाश सकता है.
उतार-चढ़ाव व्यापार का हिस्सा
अरुण तालियान ने कहा कि वर्तमान समय में जिस तरह से डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ नीति को अपनाकर काफी चतुराई दिखा रहे हैं. कहीं ना कहीं वह अमेरिका के लिए भी परेशानी का सबक बन रही है. क्योंकि भारत द्वारा जो माल बेचा जाता था, उससे अमेरिका के व्यापारी और जनता को भी फायदा होता था. ऐसे में अगर भारत का माल होल्ड पर है, तो उसे अमेरिका की डिमांड पर भी असर पड़ रहा है. जिससे जल्द अमेरिका में भी ट्रंप के ऊपर दबाव देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा भारत अन्य विकल्पों को तलाशते हुए फिर से एक बार अपनी सप्लाई चैन को बेहतर कर पाएगा. लेकिन जो अमेरिका भारत के बेहतर रिश्ते थे, उससे कहीं ना कहीं डोनाल्ड ट्रंप की स्वार्थ नीति के कारण वह रिश्ते अब काफी खराब हो रहे हैं.
अन्य देशों के लिए खुल रहे हैं विकल्प
प्रेरणा पंडित ने कहा कि ट्रंप टैरिफ की धमकी दे रहे हैं. इस बीच हमारे यहां आपदा को अवसर में तब्दील को लेकर कार्य शुरू हो गया है. पहले हम अन्य देशों की तरह विचार नहीं करते थे. लेकिन जिस तरह से ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाया गया है. उसे हमें अब अन्य देशों की तरफ व्यापार करने का रास्ता मिल गया है. उन्होंने कहा कि यह सब राजनीति स्टैंड की नीति अपना रहे हैं. जबकि पॉलिटिक्स में इस तरह की नीति कहीं ना कहीं नुकसान दायक साबित हो जाती है.
स्वदेशी पर हो मंथन
वहीं काव्या ने कहा कि जिस तरह से लोकल फॉर वोकल का संदेश दिया गया है. ऐसे में हम भारतीयों की जिम्मेदारी है कि हम लोग लोकल प्रोडक्ट को प्राथमिकता देते हुए इस अवसर को बेहतर अवसर के रूप में बदले. उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जो जीएसटी कम की गई है. उसके माध्यम से भी टैरिफ के बीच जो संकट उत्पन्न हुआ है .उसे व्यापारियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. ऐसे में ट्रंप जो सोचकर आगे बढ़ रहे हैं, कहीं ना कहीं जल्द वह अपनी रणनीति में खुद ही आगे जाकर झुक जाएंगे.
बताते चलें कि भारत में अगले चरण के टैरिफ लगाने की बात ट्रंप द्वारा कही जा रही है. जबकि अमेरिका भारत में अब तक 50% टैरिफ लगा चुका है.