डहलिया पिन्नाटा बलिया में अपनी खूबसूरती बिखेर रहा है और आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में खासा चर्चित हो रहा है. इस फूल में अनेकों रोगों का इलाज छिपा हुआ है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, बलिया में MD और PhD (Medicine) की डॉक्टर डॉ. प्रियंका सिंह बताती हैं, ‘यह फूल देखने में जितना सुंदर है, उतना ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में भी सहायक है.’
डहलिया पिन्नाटा में खास तौर से हार्मोन्स, फाइबर, नाइट्रिक एसिड और एंजाइम्स पाए जाते हैं. इन तत्वों के कारण यह फूल शरीर में कई आवश्यक कार्यों को कंट्रोल करता है. इसका उपयोग दो प्रमुख तरीके से होता है…
2. बल्ब को चबाकर या कुरेदकर खाना
अब तक डहलिया पिन्नाटा के सेवन से किसी प्रकार के साइड इफेक्ट्स की रिपोर्ट नहीं मिली है, जो इसे कई अन्य औषधीय पौधों की तुलना में अधिक विश्वसनीय बनाता है. इस फूल को अगर सही तरीके से उपयोग में लाया जाए, तो मानव जीवन के लिए एक औषधीय वरदान साबित हो सकता है. दरअसल, औषधि चाहे जितनी भी लाभकारी और विश्वसनीय हो बगैर आयुर्वेद चिकित्सक से सलाह लिए उसका सेवन नहीं करना चाहिए.
