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Jaya Kishori Quotes: व्यक्ति के जीवन में ऐसी कई परिस्थिति आती हैं, जहां उनका मौन रहना से बेहतर होता है. कुछ परिस्थितियों में व्यक्ति के बोलने पर बात और बिगड़ सकती है.
जया किशोरी ने बताई वो 4 परिस्थितियां जहां चुप रहना होता है फायदेमंद, बन जाते हैं बिगड़े काम
हाइलाइट्स
- गुस्सा आने पर चुप रहना चाहिए.
- अधूरे ज्ञान पर बोलना हंसी का पात्र बनाता है.
- दोस्ती बचाने के लिए कभी-कभी चुप रहना बेहतर.
Jaya Kishori Quotes: प्रसिद्ध कथावाचक और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी की बातों को लोग सुनना बेहद पसंद करते हैं. सोशल मीडिया पर भी उनके वीडियो व कथा के कुछ वीडियो खूब वायरल होते हैं. जया किशोरी अपनी कथाओं के माध्यम से ऐसी कई बातें बताती हैं जो व्यक्ति के जीवन में आने वाली परेशानियां का समाधान बन जाती है.
इसके अलावा भी जया किशोरी के मोटिवेशनल सेमिनार और वेबिनार आयोजित होते रहते हैं, जिनमें वे कई अलग-अलग विषयों पर अपने विचार रखती हैं. ऐसे ही एक सार्वजिनक मंच पर जया किशोरी ने इंसान को किन तीन परिस्थितियों में चुप रहना चाहिए इसके बारे में बताया है. तो आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं वो 3 परिस्थितियां.
गुस्सा आने पर रहें मौन
जया किशोरी का कहना है कि व्यक्ति को गुस्सा आने पर चुप रहना चाहिए और शांत होने की कोशिश करनी चाहिए. क्योंकि गुस्से में व्यक्ति के मुख से निकले शब्द दूसरे व्यक्ति के दिल को दुखा सकते हैं.
हंसी का पात्र बनाता है अधूरा ज्ञान
कहा जाता है कि अधूरा ज्ञान होने से अच्छा ज्ञान न होना उत्तम है. अधूरा ज्ञान बेहद खतरनाक होता है यह व्यक्ति की परेशानियां बढ़ाता है. जया किशोरी का कहना है कि अधूरा ज्ञान होने पर आपका बोलना आपको हंसी का पात्र बना सकता है और आपको दुनिया के सामने मूर्ख साबित कर सकता है. इसलिए जब किसी चीज का पूर्ण ज्ञान न हो तब चुप रहना ही बेहतर होता है.
चुप रहने का अर्थ यह नहीं की आप गलत हैं
यदि आपकी कही बातें आपके दोस्त के दिल को ठेस पहुंचा रही हैं या आपकी कही किसी बात आपकी दोस्ती टूट सकती है. इस परिस्थिति में व्यक्ति का चुप रहना ही ठीक होता है. जया किशोरी का कहना है कि आपका किसी बात पर माफी मांगने या चुप हो जाने का अर्थ यह नहीं कि आप गलत है और दूसरा सही बल्कि यह इस बात को भी दर्शाता है कि आपके लिए आपके गुस्से और सही गलत से ज्यादा कीमती आपकी दोस्ती है.