मुख्यालय संवाददाता@विशाल टंडन…

पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सोनभद्र के एक आदिवासी युवक ने अनोखा तरीका अपनाया है।

मारकुंडी निवासी अमरजीत ने अपने सिर की जटाओं में बिना मिट्टी के ही जौ और चना उगाकर लोगों को प्रकृति और पेड़-पौधों के महत्व का संदेश दिया। सोमवार को रॉबर्ट्सगंज में उनका यह अनोखा अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
सिर पर लहराती जटाओं के बीच उगे जौ और चने के पौधों को देखकर लोग हैरान रह गए। अमरजीत का कहना है कि पेड़-पौधे केवल लगाने से ही नहीं बढ़ते, बल्कि उन्हें खून-पसीने से सींचने और लगातार देखभाल करने की जरूरत होती है।

जटाओं में पौधे उगाने का उनका प्रयोग इसी भावना को लोगों तक पहुंचाने का एक प्रयास है।

अमरजीत लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पेड़ों की कटाई रोकने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तभी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रह सकेगा।

उन्होंने संदेश दिया कि पेड़ लगाना और उनकी देखभाल करना केवल किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।

अमरजीत कहते हैं, “पेड़ लगाइए, पेड़ों को काटिए नहीं। पर्यावरण को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।” जटाओं में उगे जौ और चने का उनका छोटा सा प्रयोग भले ही अनोखा हो, लेकिन इसके जरिए दिया गया प्रकृति संरक्षण का संदेश बड़ा और महत्वपूर्ण है।
