संवाददाता@ख्वाजा खान……

घघरी ग्राम पंचायत के मुख्य जंगल मार्ग पर सोमवार को निर्माण कार्य के लिए बालू लेकर जा रहा एक ट्रैक्टर सड़क की जर्जर एवं अधूरी हालत के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रैक्टर पर बड़ी मात्रा में बालू लदा हुआ था। हादसे के बाद मार्ग पर कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर क्षति नहीं हुई है।
जर्जर सड़क के कारण हुआ हादसा:
स्थानीय लोगों के अनुसार, उक्त ट्रैक्टर निर्माण कार्य के लिए बालू लेकर जंगल मार्ग से गुजर रहा था। मार्ग की स्थिति बेहद खराब होने तथा निर्माण कार्य अधूरा पड़े होने के कारण वाहन असंतुलित होकर पलट गया। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में इस मार्ग की स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे राहगीरों, ग्रामीणों एवं वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस जर्जर मार्ग पर पूर्व में भी कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

सालों से लंबित है स्थायी सड़क निर्माण की मांग:
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग की बदहाली को लेकर संबंधित अधिकारियों से लेकर जिलाधिकारी तक कई बार पत्राचार किया जा चुका है। इसके बावजूद वर्षों से चली आ रही स्थायी सड़क निर्माण की मांग पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्रवासियों में रोष व्याप्त है।
लोक निर्माण विभाग की उदासीनता पर आक्रोश:
सड़क निर्माण की मांग को लेकर लगातार संघर्षरत उमंग गुप्ता ने बताया कि शासन-प्रशासन को कई बार प्रार्थना पत्र देने के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन एवं श्रमदान के माध्यम से भी इस समस्या से अवगत कराया गया है। इस संबंध में समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों के जरिए भी जिम्मेदार अधिकारियों का बार-बार ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग के गैर-जिम्मेदार रवैये के कारण सड़क निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा हुआ है।

शीघ्र निर्माण की पुरजोर मांग:
उमंग गुप्ता ने कहा कि घघरी जंगल मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण जरिया है। सड़क की खराब स्थिति के चलते आए दिन लोगों को जोखिम उठाना पड़ता है। उन्होंने संबंधित विभाग एवं शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
स्थानीय ग्रामीणों ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का स्थायी निर्माण नहीं कराया गया, तो वे और अधिक तीव्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।