संवाददाता@रामकेश यादव……

स्थानीय क्षेत्र में ऊंची जमीन होने के कारण अधिकतर किसान मिर्च टमाटर की खेती करते है चाहे स्वयं की खेती में करे अथवा किसी दूसरे किसान को एक बार के लिए पट वतन के रूप में करे,परंतु लगाए गए मिर्च के पौधों में इस समय गोरचा रोग का प्रकोप बहुत तेजी से बढ़ रहा है। जिससे किसान उसकी तमाम तरह की दवाइयों का छिड़काव कर एवं देकर रोकने के लिए परेशान हो रहे हैं ।

बता दें कि क्षेत्र में जरेनु आ ,बहेरा, दिलाही ,भदोही ,खैरही बाबूराही, खैरपुर, अतरवा,कसया कला, कसया खुर्द ,के, सहीत सैकड़ो गांव में किसानों ने टमाटर मिर्च की खेती करते हैं ।वर्तमान समय में मिर्च की खेती तो लग चुकी है। जो पौधे निरंतर वृद्धि की ओर हो रहे हैं और उसमें फल भी आने लग चुके हैं परंतु चाहे जिस भी कारण से पौधों में गुरच जैसी बीमारी लगना शुरू हो गई है इस गुरूचा रोग के लक्षण में किसानों ने बताया कि जब भी गुर्जच रोग पौधों में लगता है उसकी पत्तियां या तो ऊपर की तरफ मुड़ने लगती है अथवा नीचे की ओर मुड़ने लगती है ।
जिसके कारण पौधे का विकास रुक जाता है। और एक तरह कि यह संक्रामक बीमारी की तरह कार्य करता है। एक पौधे से दूसरे पौधे तक भी यह गुरचा रोग पहुंच जाता है। जिसको रोकने के लिए तमाम तरह की दवाइयां का छिड़काव किया जा रहा है परंतु पूर्ण रूप से गुर रचा रोग रुकने का नाम नहीं ले रहा है क्षेत्र के चा डी गांव के किसान
अवधेश कुमार यादव ने बताया कि हमने भी मिर्च की खेती किया जिसमें गोरचा रोग का प्रकोप है ।

इसी तरह बहेरा गांव निवासी नंदू ने बताया कि हमने भी तीन बीघा मिर्च की खेती किए है जिसमें तेजी से गुर चा रोग लग रहा है । अगर पौधों में गरचा रोग लगा नहीं रुकता है तो हम लोगों की लागत भी निकलना मुश्किल है। उपरोक्त लोगों की बातों पर ध्यान दें तो यह क्षेत्र के लगभग सभी किसानों के खेतों में गुरचा रोग लगना शुरू है।।