संवाददाता@अमिताभ मिश्रा…..

पिपरी स्थित रिहंद बांध का जलस्तर शनिवार को बढ़कर 869.1 फीट पहुंच गया है। बांध के अधिकतम जलस्तर 870 फीट से अब यह महज 0.9 फीट नीचे रह गया है। हालांकि बांध में पानी की आवक धीरे-धीरे कम हो रही है, जबकि बिजली उत्पादन के लिए सभी छह टरबाइन लगातार संचालित की जा रही हैं। ऐसे में वर्तमान स्थिति बनी रहने पर बांध का जलस्तर इसी स्तर के आसपास मेंटेन रहने अथवा धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।

बांध पर स्थापित सभी छह टरबाइन संचालित होने से लगातार बिजली उत्पादन के साथ पानी की निकासी भी हो रही है। इससे जलस्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिल रही है। वर्तमान में कैचमेंट एरिया से पानी की आवक में कमी आने के कारण इस वर्ष रिहंद बांध के फाटक खोले जाने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।
हालांकि, कैचमेंट क्षेत्र में अचानक भारी बारिश होने के बाद बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ती है तो स्थिति बदल सकती है। जलस्तर में तेज वृद्धि के बाद यदि बांध का स्तर 871 फीट तक पहुंचता है, तो फाटक खोलने की संभावना बन सकती है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारी बांध के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

गौरतलब है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में रिहंद बांध का जलस्तर काफी नीचे था। 30 जुलाई को बांध का जलस्तर करीब 845 फीट दर्ज किया गया था। इसके बाद अगस्त में हुई अच्छी बारिश के कारण जलस्तर में करीब 24 फीट की वृद्धि हुई और अब यह अपने अधिकतम स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। पर्याप्त जल उपलब्धता से रिहंद क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों के लिए भी जलापूर्ति सुचारु रहने की उम्मीद बनी हुई है।