@जे0 के0…..
— बीएसए मुकुल आनंद पांडेय का अजीबोगरीब बयान आया सामने, कहा कि परिजन महिला टीचर के पक्ष में हैं, इसे गलत नहीं मानते
— शिक्षा विभाग के आलाधिकारी को टीचर द्वारा बच्चों से काम कराया जाना जायज लग रहा है, नोनीहालों से पढ़ाई की जगह काम कराया जा रहा

SONBHADRA । घोरावल ब्लॉक क्षेत्र के पुरना प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्कूल की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में छोटे बच्चे स्कूल परिसर में ईंट ढोते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि विद्यालय की बाउंड्री वॉल के निर्माण से जुड़े कार्य में बच्चों से सहयोग कराया जा रहा था।

वीडियो में एक महिला शिक्षिका बच्चों से थोड़ा काम कराने की बात कहती हुई नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि स्कूल में पढ़ने के लिए आने वाले नौनिहालों से निर्माण कार्य क्यों कराया जा रहा है। लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है।
मामले में विभाग का पक्ष जानने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय से बात की गई। उन्होंने बताया कि बच्चों के परिजन महिला शिक्षिका के पक्ष में हैं और उनकी ओर से किसी तरह का विरोध नहीं है। बीएसए के मुताबिक बच्चे स्वेच्छा से विद्यालय की टूटी बाउंड्री वॉल के कार्य में सहयोग कर रहे थे और इसमें उन्हें कोई गलत बात नजर नहीं आती।

हालांकि वायरल वीडियो ने विद्यालयों में बच्चों से कराए जाने वाले कार्यों को लेकर बहस छेड़ दी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि नौनिहाल विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं या निर्माण एवं अन्य कार्यों में सहयोग करने के लिए। विद्यालयों में साफ-सफाई, पानी भरने, बाउंड्री वॉल सहित अन्य कार्यों के लिए मैनपावर की व्यवस्था किए जाने की जरूरत होती है।

वायरल वीडियो की वास्तविक स्थिति और बच्चों से किस परिस्थिति में ईंट ढुलवाई गई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं और लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।